उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद इस तरह की चर्चाएँ तेज़ थीं कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देंगे या विधानसभा की सदस्यता से. हालाँकि आज इन सब अटकलों पर विराम लग गया और अखिलेश ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया. अखिलेश यादव आज़मगढ़ जीत से लोकसभा सांसद थे.

अखिलेश यादव के साथ वरिष्ठ समाजवादी नेता आज़म ख़ान ने भी रामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफ़ा दिया. आज़म रामपुर से विधायक चुने गए हैं. सपा की ओर से लिए गए इस अहम् फ़ैसले के बाद ऐसा लगता है कि पार्टी पूरी तरह से प्रदेश में अपना जनाधार बढ़ाने पर ज़ोर देगी. ऐसी भी ख़बरें अब आना शुरू हो गई हैं कि इन दो नेताओं में से ही किसी एक को पार्टी नेता प्रतिपक्ष बनाएगी.

अखिलेश के लोकसभा से इस्तीफ़ा दिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी ख़बरें तेज़ हो गई हैं कि अखिलेश यादव नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में रहेंगे. वहीं इसके पहले ऐसी ख़बरें भी आयी थीं कि सपा शिवपाल यादव को बड़ा पद दे सकती है और ये बड़ा पद नेता प्रतिपक्ष का होगा.इस तरह की भी ख़बरें चल रही हैं कि पार्टी का मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले आज़म ख़ान को भी नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है.

आज़म ख़ान रामपुर सीट से दस बार विधायक का चुनाव जीत चुके हैं. वो पहले भी उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं. मुलायम सिंह यादव के क़रीबी माने जाने वाले आज़म ख़ान पिछले दिनों मुश्किलों में रहे हैं. वो कई मुक़दमों में जेल में बंद हैं. आज़म और उनके समर्थक कहते हैं कि भाजपा ने उनको और उनके परिवार को फँसाने के इरादे से उन पर झूठे मुक़दमे लगाए हैं. हालाँकि अभी तक इस बारे में सपा की ओर कोई पुष्टि नहीं की गई है कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *