लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कुछ रोज़ पहले उन प्रदर्श’नकारियों के पोस्टर लगाने शुरू किए थे जिन पर CAA के ख़िला’फ़ प्रद’र्शन के दौरान पब्लिक प्रॉपर्टी को नुक़सान पहुँचाने का आरोप लगाया गया है. परन्तु जब योगी सरकार के ख़ि’लाफ़ बात अदालत में गई तो हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों जगह सरकार को आदेश दिया गया कि ये पोस्टर हटाये जाएँ. भाजपा सरकार ने इस आदेश को न मानते हुए एक नया क़ानून ही बना डाला.

योगी सरकार के इस क़दम के बाद राज्य में समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने भी पोस्टर्स लगवा दिया. उन्होंने अपने पोस्टर में कुलदीप सिंह सेंगर और चिन्मयानन्द के ऊपर लगी धाराओं का ज़िक्र किया. इस पोस्टर के आते ही भाजपा के नेताओं में असहजता देखी गई. इसको कुछ ही समय बीता था कि अरुण यादव ने भी एक पोस्टर लगवा दिया जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के ऊपर लगी आ’पराधिक धाराओं का ज़िक्र था. समाजवादी पार्टी के नेता द्वारा शुरू किए गए इस जवाबी पोस्टर कार्यवाई में अब कांग्रेस भी शामिल हो गई है.

कांग्रेस नेता सुधांशु बाजपाई और लालू कनौजिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या सहित 8 भाजपा नेताओं के आपरा’धिक रिकॉर्ड का ज़िक्र करते हुए पोस्टर लगवाए हैं. लखनऊ में कई जगहों पर इन पोस्टर्स को लगाया गया है. इतना ही नहीं इस पोस्टर की एक प्रति भाजपा कार्यालय पर भी चिपका दी गई है.रातोंरात हुई इस गतिविधि से भाजपा नेताओं में हलचल होना लाज़मी है. इस नए पोस्टर में योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्या, राधा मोहन दास अग्रवाल, संगीत सोम, संजीव बाल्यान, उमेश मलिक, सुरेश राणा, और साध्वी प्राची जैसे भाजपा नेताओं के नाम शाम है.

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