लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के पहले हर कोशिश की थी कि बसपा से गठबंधन हो जाए. यही वजह थी कि बसपा ने जो सीटें माँगी वो सीटें सपा ने बसपा को दे दीं. इसके अतिरिक्त बसपा नहीं चाहती थी कि कांग्रेस भी इस गठबंधन का हिस्सा बने. कुछ लोगों ने ये भी कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा से झुक कर गठबंधन किया. बात जो भी हो लेकिन जब चुनावी नतीजे आये तो सपा-बसपा-रालोद के इस गठबंधन को कोई बड़ी कामयाबी न मिली.

इसके बावजूद भी बसपा ने 10 सीटें जीत लीं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा की एक भी सीट नहीं थी और अब 10 सीटों के फ़ायदे से मायावती को इस गठबंधन से ख़ुश होना चाहिए था. परन्तु मायावती ने चुनाव होने के बाद इस गठबंधन से अपनी पार्टी को अलग कर लिया. सपा जिसे इस गठबंधन के बाद 5 ही सीटें मिलीं, उसे इससे झटका लगा. अब लेकिन जिस तरह से बसपा की ओर से सपा के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी हो रही है उससे सपा ख़ेमे में ज़बरदस्त नाराज़गी है.

अंदरूनी सूत्रों की माने तो सपा ने बसपा के हमलों पर टिपण्णी करने के बजाय दलित वोटरों को अपने पक्ष में करने की कोशिश तेज़ कर दी है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने नेताओं को कहा हुआ है कि वो बसपा के हमलों पर टिपण्णी न करें. बसपा प्रमुख के आरोपों पर सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि अखिलेश यादव का चरित्र किसी को धोखा देने वाला नहीं है. लोकसभा चुनाव में सपा ने पूरी ईमानदारी से गठबंधन धर्म निभाया है. इसके बावजूद मायावती ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया और उपचुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान किया है.

मायावती के बयानों के जवाब में अखिलेश की ओर से किसी तरह का कोई बयान नहीं आ रहा है. सपा नेता भी इस बात को समझ रहे हैं कि चुप रहने में ही ख़ास फ़ायदा है. सपा के नेताओं का मानना है कि गठबंधन असल में दलित-यादव-मुस्लिम का था और ज़मीनी स्तर पर बना था. सपा को ये भी लगता है कि मायावती द्वारा ख़ुद को गठबंधन से अलग कर लेने से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सहानुभूति मिली है. दलितों के पढ़े-लिखे तबक़े में भी सपा अध्यक्ष को लेकर सहानुभूति है.

सपा की नज़र दलितों के पासी समुदाय पर है. माना जा रहा है कि सपा इस समुदाय को अपने पक्ष में जोड़ने के लिए विशेष रणनीति बना रही है. सपा इसके लिए बसपा से जो नेता पार्टी में शामिल हुए हैं उन्हें बड़े पद देगी. इसके अलावा सपा ने 2022 को लेकर रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. सपा अध्यक्ष जल्द ही उत्तर प्रदेश के हर ज़िले का दौरा करेंगे.

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