सिर्फ़ 51 सीटों पर ल’ड़ने वाली AIMIM को क्यूँ मिली 44 सीटों पर जीत, हर बार..

December 5, 2020 by No Comments

नई दिल्ली: ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) के लिए हुए चुनाव के नतीजे कल आ गए. 150 सीटों वाली म्युनिसिपल कारपोरेशन में तेलंगाना राष्ट्र समिति ने 55 सीटों पर जीत हासिल की और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. दूसरे नंबर पर भाजपा ने 48 सीटों पर जीत हासिल की वहीं आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने 44 सीटों पर जीत हासिल की. कांग्रेस को भी दो सीटों पर जीत हासिल की. जहाँ भाजपा ने अपनी पुरानी परफॉरमेंस में बहुत सुधार किया वहीं AIMIM अपना गढ़ पूरी तरह से बचाने में कामयाब रही.

ओवैसी ने 150 सदस्यों वाले नगर निगम में सिर्फ़ 51 सीटों पर ही उम्मीदवार उतारे थे और उनमें से 44 पर जीत दर्ज की. इस तरह से देखें तो असद उद्दीन ओवैसी की पार्टी का स्ट्राइक रेट किसी अन्य दल से बहुत अच्छा रहा. ओवैसी ने जितनी सीटों पर चुनाव ल’ड़ा उनमें से 86% सीटों पर चुनाव जीत लिया. इससे ज़ाहिर है कि AIMIM का चुनाव में टिकट देने का मेथड राज्य की किसी और पार्टी से बेहतर है. पहले भी ये देखा गया है कि ओवैसी की पार्टी का स्ट्राइक रेट बहुत अच्छा रहता है.

2018 के विधानसभा चुनाव में 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली AIMIM को सात में जीत मिली. पहले भी वो कम ही सीटों पर चुनाव ल’ड़ती रही है. कई बार AIMIM समर्थकों की ओर से माँग हुई कि लोकसभा चुनाव में पार्टी तेलंगाना में दो सीटों पर चुनाव ल’ड़े और सिकंदराबाद की सीट पर भी प्रत्याशी उतारे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके पीछे कारण है पार्टी का माइक्रो-स्केल पर फ़ैसले लेना. पार्टी के क़रीबी लोग मानते हैं कि जब तक पार्टी को इस बात की उम्मीद नहीं होती कि वो चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर पाएगी वो चुनाव नहीं ल’ड़ती है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *