कांग्रेस ने बाग़ियों के ख़िलाफ़ एक्श’न लेने का किया फ़ैसला, विधायक ने कहा,’मैं अब भी कांग्रेस में हूँ’

कर्णाटक में चल रहे राजनीतिक संकट को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएँ चल रही हैं. ख़बर ये भी आ रही है कि भाजपा अपनी सरकार बनाने की तैयारी में है लेकिन कांग्रेस-जेडीएस इतनी आसानी से हा’र मानने की स्थिति में नहीं लग रहे हैं. जेडीएस-कांग्रेस हर वो कोशिश कर रही हैं जिससे कि उनकी सरकार बच जाए वहीँ दूसरी ओर भाजपा कांग्रेस और जेडीएस के बाग़ी विधायकों से संपर्क साधे हुए है.

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्णाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैयाह ने कहा है कि ये भाजपा की आदत में शुमार है कि वो सरकारों को अस्थिर करें. उन्होंने कहा कि ये अलोकतांत्रिक है. उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने भाजपा को मैंडेट नहीं दिया है और जेडीएस तथा कांग्रेस के वोटों को मिला दिया जाए तो हमें 57% से अधिक वोट हासिल हुए हैं.

उन्होंने आगे कहा कि इस बार भाजपा की राज्य इकाई ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर के नेता अमित शाह और मोदी जी भी इन्वोल्व हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्हीं के इशारे पर इस तरह से सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र के ख़िलाफ़ है और लोगों के मैंडेट की भी ये अवमानना है. उन्होंने कहा कि वे लोग पैसा, पोजीशन और मंत्रालय ऑफर कर रहे हैं.

सिद्दरामैयाह ने कहा कि कर्णाटक कांग्रेस उन विधायकों को डिसक्वालिफाई कराएगी ओ एंटी-पार्टी एक्टिविटी में शामिल हैं..वो भाजपा के साथ शामिल हैं. मैं उन सबसे कहता हूँ कि वापिस आ आयें और अपना इस्तीफ़ा वापिस ले लें..हमने ये तय किया है कि हम स्पीकर के सामने ये याचिका दायर करेंगे कि उन्हें डिसक्वालिफाई किया जाए और उनका इस्तीफ़ा न लिया जाए.

उन्होंने कहा कि हम अपने पत्र के ज़रिए उन्हें डिसक्वालिफाई करने की माँग कर रहे हैं और साथ ही उन्हें 6 साल तक कोई भी चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए. वहीं ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद और बीके हरिप्रसाद आज बेंगलुरु रवाना होंगे. कांग्रेस के बाग़ी विधायकों की बात करें तो एसटी सोमशेखर ने मुंबई में कहा कि कुल 10 विधायकों ने अपने इस्तीफ़े स्पीकर और राज्यपाल को सौंपे हैं. उन्होंने कहा कि हम अभी भी कांग्रेस पार्टी में हैं लेकिन हमने अपने विधायक के पद से इस्तीफ़ा दे दीया है…हम कोई मंत्रालय नहीं चाह रहे हैं..कर्णाटक के लोगों को मैत्री सरकार पसंद नहीं है.

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.