भाजपा नेता का शिवसेना पर तंज़,’हमारे साथ आने के अलावा कोई चारा नहीं है उनके पास..’

October 29, 2019 by No Comments

मुंबई: महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट जैसे गहराता ही जा रहा है. भाजपा-शिवसेना लम्बे समय से एक दूसरे के सहयोगी हैं लेकिन विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से दोनों दल एक दूसरे से ख़फ़ा हैं.असल में भाजपा कह रही है कि मुख्यमंत्री उसका होगा जबकि शिवसेना का कहना ये है कि ढाई-ढाई साल के लिए दोनों दलों के मुख्यमंत्री होने चाहिएँ. शिवसेना आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भाजपा से अड़ी है.

इस बीच भाजपा और शिवसेना ने अपने अपने दावे किए. अब ख़बर है कि भाजपा के नेता और राज्यसभा सांसद संजय काकड़े ने कहा है कि भाजपा के संपर्क में शिवसेना के 45 विधायक हैं. उन्होंने दावा किया कि 45 शिवसेना विधायक चाहते हैं कि देवेन्द्र फडनवीस मुख्यमंत्री बनें. उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में यह भी कहा कि वह नहीं समझते कि शिवसेना विपक्ष में बैठेगी.

काकड़े ने कहा,”शिवसेना के 56 में से 45 ऐसे विधायक हैं जिन्होंने भाजपा के साथ हाथ मिला कर सरकार बनाने की अपनी इच्छा जाहिर की है। वे हमें फोन कर कह रहे हैं कि उन्हें सरकार में शामिल कर लें।” उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना के ये विधायक कह रहे हैं कि चाहे जो भी किया जाए, ‘‘लेकिन हम भाजपा के साथ सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, ‘‘ शिवसेना के करीब 45 विधायक हैं जो चाहते हैं कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ जाए तथा यथाशीघ्र देवेंद्र फड़णवीस की अगुवाई में गठबंधन सरकार बननी चाहिए।” काकड़े ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री के संपर्क में चल रहे शिवसेना के नेताओं ने पार्टी के 45 विधायकों की इच्छा से को अवगत करा दिया है।” उन्होंने दावा किया कि कुछ ऐसे शिवसेना विधायक भी हैं जो हाल ही सरकार में मंत्री भी हैं. उन्होंने कहा,”मुझे पक्का यकीन है कि ठाकरे कुछ और विभागों के साथ राजी हो जायेंगे तथा फड़णवीस के मुख्यमंत्रित्व में गठबंधन सरकार बनेगी।”

काकड़े ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार पहले ही ये साफ़ कर चुके हैं कि उन्हें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है. उन्होंने कहा कि शिवसेना के पास इसके अलावा कोई चारा नहीं कि वो भाजपा के साथ रहे. जानकार मानते हैं कि अब शिवसेना अगर अपने स्टैंड से पीछे हटती है तो उसकी राजनीति को बड़ा झटका लगेगा.परन्तु शिवसेना जो मांग कर रही है वो भाजपा मानने को भी तैयार नहीं होने वाली. मामला पूरी तरह से उलझा हुआ है.

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