शिवसेना को एनसीपी-कांग्रेस दे सकती हैं समर्थन, जल्द ही हो सकता है बड़ा एलान…

मुम्बई: महाराष्ट्र में चल रही सियासी उथल पुथल भले भाजपा और शिवसेना के बीच है लेकिन कांग्रेस और एनसीपी दोनों पर निगाह लगी हुई है। कांग्रेस-एनसीपी शिवसेना को समर्थन देंगे या नहीं, शिवसेना उनसे समर्थन मांगेगी या नहीं ये भी चर्चा का विषय ही है। भाजपा से तल्ख़ी ज़्यादा हो जाने के बाद शिवसेना सरकार बनाने के अन्य विकल्पों पर विचार कर सकती है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने इस बारे में अपना पक्ष रखते हुए कहा,”भाजपा अपने सहयोगियों को साथ लेकर चलने में असफल रही है।” उन्होंने साथ ही कहा कि महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट की वजह भाजपा का रवैया ही है। इसके अलावा चव्हाण ने कहा कि हम सिचुएशन को देख रहे हैं और उसी के मुताबिक़ कोई फ़ैसला लेंगे।

महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बाला साहब थोराट ने कहा कि हमारे पास कोई स्ट्रेटेजी नहीं है, हम देख रहे हैं चीज़ों को। उन्होंने कहा,”हमें मैनडेट मिला है विपक्ष में बैठने का… वे लोग सत्ता में बड़े हिस्से को पाने के लिए लड़ रहे हैं।” थोराट और चव्हाण जे बयानों से साफ है कि कांग्रेस अभी अपने पत्ते खोलने की इच्छुक नहीं है। कई कांग्रेस नेता मानते हैं कि शिवसेना कितना ही भाजपा से नाराज़ रहे लेकिन वो बड़ा फ़ैसला लेना नहीं चाहती इसलिए एनसीपी-कांग्रेस दोनों को तब तक कुछ नहीं बोलना चाहिए जब तक कि शिवसेना आधिकारिक तौर पर समर्थन नहीं मांगती।

उल्लेखनीय है कि भाजपा-शिवसेना दोनों महाराष्ट्र की सरकार में बड़ी भागेदारी हो इसलिए सरकार बनाने में देर कर रहे हैं। दोनों दल अपना मुख्यमंत्री चाहते हैं। भाजपा का कहना है कि उसकी सीटें ज़्यादा हैं इसलिए इसका मुख्यमंत्री बने जबकि शिवसेना उसको पुराना वादा याद दिला रही है। ताज़ा ख़बर ये है कि एनसीपी की वरिष्ठ नेत्री सुप्रिया सुले ने एक प्राइवेट चैनल से बातचीत में कहा कि वो राज्य में राष्ट्रपति शासन नहीं लगने देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन कोई विकल्प नहीं है, हमें ही आगे आकर कुछ करना होगा। उन्होंने ये बयान भाजपा नेताओं के उन बयानों के बाद कहा जिनमें वे बार बार राष्ट्रपति शासन लगने की बात कह रहे हैं।

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