शहाबुद्दीन की मौ’त ने प’लटी बिहार की सि’यासत, दो नेताओं ने राजद छोड़ी, हिना शहाब के बारे में ये ख़बर..

पटना: पूर्व सांसद और राजद नेता मुहम्मद शहाबुद्दीन के नि’धन से बिहार सियासत में जैसे भू’चाल सा गया है. बाहुबली शहाबुद्दीन के नि’धन के बाद उनके परिवार के प्रति लोगों में संवेदना है. सीवान और आस पास के क्षेत्र में पोपुलर मुहम्मद शहाबुद्दीन बाहुबली थे लेकिन आम जनमानस में उन्हें भारी समर्थन भी था. उनकी मौ’त के साथ ही राजद विरोधियों को मौक़ा सा मिल गया है कि वो पार्टी को घेरें.

इस बीच ख़बर है कि कुछ नेता इस तरह के आरोप लगा रहे हैं कि लालू यादव, तेजस्वी यादव और उनके पूरे परिवार ने शहाबुद्दीन के परिवार की पूरी मदद नहीं की. दूसरी और इन ख़बरों का फ़ायदा नीतीश कुमार की जदयू लेने की फ़िराक में है. ख़बर है कि शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से जदयू संपर्क साध रही है. हालाँकि सीवान राजद ने कहा है कि पूर्व सांसद का परिवार राजद में ही है और राजद में ही रहेगा.

खबर है कि राजद के बड़े नेता, वर्तमान में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और बिहार विधान परिषद के सभापति रह चुके सलीम परवेज़ ने शहाबुद्दीन और उनके परिवार की उपेक्षा का आरोप लगाकर पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन उनके अच्छे मित्र और राजद के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उनके आखिरी दिनों में पार्टी उनके साथ खड़ी नहीं रही, इसलिए वे पार्टी छोड़ रहे हैं।

इधर, राजद तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मो. शोहराब कुरैशी ने भी पार्टी छो’ड़ने का एलान किया है। उनका कहना है कि वह अपने मार्गदर्शक मरहूम सैय्यद शहाबुद्दीन के आत्मिक मृ’त्यु से बहुत ही आ’हत हैं। इसे वह बयान नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने ताउम्र राजद की सेवा की। वह सालों-साल पार्टी हित में कार्य करते रहें.

उन्होंने कहा कि, वैसे कार्यकर्ता जो अपने संसदीय जीवन में विधानसभा के सदस्य तथा लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं उनके लिए पार्टी में कोई सम्मान नहीं है ऐसे छोटे कार्यकर्ताओं का क्या होगा? मुहम्मद शोहराब ने कहा कि राजद पार्टी की तरफ से कोई व्यक्ति जो पार्टी के बड़े पद पर हो शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा नहीं है। ऐसे में हम छोटे कार्यकर्ता का राजद परिवार में किस तरह का वजूद रहेगा यह आने वाला समय बताएगा। उन्होंने इस घटना से आहत हो कर तत्काल प्रभाव से राजद सक्रिय कार्यकर्ता एवं पार्टी के बिहार प्रदेश तकनीकी प्रकोष्ठ के सचिव पद से इस्तीफा दे दिया।

उल्लेखनीय है कि शहाबुद्दीन के समर्थक आशंका जता रहे हैं कि पूर्व सांसद को ठीक से इलाज नहीं मिला. वहीं कईयों ने ऐसी भी बातें कही हैं कि उन्हें जानकर मार दिया गया. हालाँकि इन सभी बातों का अभी तक कोई आधार नहीं है. दूसरी और राजद ने भी साफ़ किया है कि वो इस मुश्किल घड़ी में शहाबुद्दीन परिवार के साथ खड़ी है.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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