सऊदी सरकार ने हज और उमराह को लिया अहम् फ़ैसला, तेल पर निर्भरता कम हो..

दुनिया से लाखों मुसलमान हर साल हज यात्रा पर सऊदी अरब जाते हैं। यहां दूसरे देश से आने वाले हर व्यक्ति को 3 लाख रुपये तक ख़र्च करने पड़ते हैं। ऐसे में सऊदी अरब में हर साल सिर्फ़ हज और उमरा से ही 12 अरब डॉलर यानी 76 हज़ार 500 करोड़ रुपए तक की आमदनी हो जाती है। तेल और गैस के बाद हज यात्रा सऊदी अरब में एक बड़ी इंडस्ट्री के तौर पर सामने आ रहा है।

सऊदी अरब की सरकार हज और उमराह यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से भारी रक़म हर साल ख़र्च करती है. हज और उमराह यात्री भी देश की अर्थव्यवस्था में ठीक-ठाक योगदान करते हैं. चूंकि हज और उमराह यात्रियों के देश में आने से होटल इंडस्ट्री जैसी व्यवस्थाओं को विशेष फ़ायदा होता है. परन्तु अब सरकार भी अपनी ओर से इसमें शुल्क वृद्धि करेगी और सऊदी अर्थव्यवस्था की तेल पर से निर्भरता और कम की जाएगी.

एक रिपोर्ट के अनुसार हज और उमरा सऊदी की जीडीपी में क़रीब 12 अरब डॉलर का योगदान करते हैं। जो कि तेल से होने वाली आमदनी से अलग जीडीपी का 20 फ़ीसदी है। साल में एक बार होने वाले हज से सऊदी को 5 से 6 अरब डॉलर की आमदनी होती है। और बाकी साल भर उमरा करने के लिए पहुंचने वाले लोगों से आता है। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2022 तक हज और उमरा से होने वाली आमदनी बढ़कर 150 डॉलर से ज़्यादा हो जाएगी।

एक हाल ही की मीडिया रिपोर्ट की बात करें तो सऊदी अरब ने अब वीज़ा शुल्क में वृद्धि कर दी है। जिसकी वजह से हज यात्रा बहुत महंगी हो जाएगी। एक रिपोर्ट की मानें तो सिंगल एंट्री वीज़ा पर 93 डॉलर से 533 डॉलर तक का ख़र्च आएगा। एक मल्टीपल एंट्री में 6 महीने के वीज़ा पर 800 डॉलर और एक साल के वीज़ा पर 1,333 डॉलर का ख़र्च आएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि संशोधित वीज़ा शुल्क सभी पर्यटकों, धार्मिक, व्यावसायिक यात्रियों पर लागू किया जाएगा।

इसमें यात्रियों के लिए विशेष रूप से परिवहन और आवास की लागत शामिल है। बता दें कि वित्त और अर्थव्यवस्था की यह योजना जो सऊदी मंत्रालयों की सिफ़ारिश पर आधारित थी। 2 अक्टूबर को नए इस्लामिक वर्ष की शुरुआत के साथ लागू कर दी गई है। सऊदी अरब द्वारा लागू किए गए इन नए नियमों को तेल पर राज्य की निर्भरता को कम करने और आव्रजन शुल्क सहित अन्य क्षेत्रों में राजस्व बढ़ाने के लिए एक व्यापक अभियान के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.