नई दिल्ली: इजराइल में चुनाव प्रचार के दौरान लिकुद पार्टी के नेता और देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने एक ऐसा बयान दिया था जिसके बाद उनकी पूरे विश्व में आलो’चना हुई. उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पार्टी वापिस सत्ता में आती है तो वो जॉर्डन वैली को इजराइल में एनेक्स कर लेंगे. उनके इस बयान की निं’दा अरब देशों ने तो की ही थी, साथ ही यूरोपियन यूनियन ने भी इसकी निं’दा की. इस बयान के बाद सऊदी अरब ने भी इजराइल के प्रधानमंत्री की आ’लोचना की.

इस मुद्दे को लेकर सऊदी अरब के बादशाह किंग सलमान ने जुमेरात के रोज़ फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की. दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में इजराइली प्रधानमंत्री के बयान की निं’दा की गई. बादशाह सलमान ने कहा कि नेतान्याहू का बयान बहुत ख़’तरनाक है. उन्होंने कहा कि ये फ़िलिस्तीनी लोगों के अस्तितित्व पर हमले जैसा है. दोनों ही नेताओं ने इस बयान को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के ख़िलाफ़ बताया.

महमूद अब्बास ने सऊदी अरब के बादशाह की ओर से आये बयान की तारीफ़ की और फ़िलिस्तीनी लोगों का स’मर्थन करते रहने के लिए उनका शुकिया अदा किया.आपको बता दें कि इजराइली पीएम् के बयान की आलो’चना यूरोपियन यूनियन ने भी की. यूरोपियन यूनियन ने इस बारे में बयान दिया और कहा कि नेतान्याहू का बयान शा’न्ति के प्रयासों को बर्बाद करता है. यूरोपियन यूनियन ने कहा कि ये बहुत ही ख़त’रनाक बात है. इजराइल के बारे में माना जाता है कि उसके अरब वर्ल्ड में बहुत दोस्त नहीं हैं.

इंडोनेशिया की सरकार ने भी इजराइली प्रधानमंत्री के बयान को अन्तराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन माना. इस बारे में रूस ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि अरब देशों ने इस पर अपना मन दिया है और इस बात से ज़ाहिर है कि इस तरह का बयान शान्ति के लिए ख़तरा है. उल्लेखनीय है कि इजराइल में इस समय चुनाव प्रचार ज़ोरों पर है. जानकार मानते हैं कि नेतान्याहू ने ये बयान अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *