सऊदी कंपनी ने बड़े घा’टे के बाद भी निवेशकों का कराया इतना बड़ा फ़ायदा, क्राउन प्रिंस की शान से..

August 10, 2020 by No Comments

कोरो’ना वाय’रस का प्रको’प दुनिया भर में पैर पसार चुका है। दुनिया के लगभग सभी देश इस वाय’रस से प्रभा’वित हो चुके हैं। महामा’री कोरो’ना वाय’रस की वजह से सभी देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी बड़ा झ’टका लगा है। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको पर भी कोरो’ना लॉ’कडा’उन का असर दिखाई दे रहा है। इस साल अरामको की कमाई में 73 प्रतिशत की गिरा’वट देखी गई है। खबरों के अनुसार, इस साल कंपनी को 75 अरब डॉलर का भुगतान करना है।

इस संबंध में अरामको कंपनी के सीईओ आमीन नासीर ने कहा है कि कोरो’ना महामा’री में बाज़ार प’टरी पर आ रहा है, लेकिन अभी भी बाज़ार में तेल की मांग में कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि “कोरो’ना वाय’रस के संक्र’मण को रोकने के लिए दुनिया भर में लॉ’कडा’उन और ट्रैवेल बैन जैसी पाबं’दियां लागू हैं जिसका सीधा असर तेल की मांग पर पड़ा है। दुनिया में तेल की ख’पत कम हो रही है और इस कार’ण क़ीमतें दो दशक के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं।” आपको बता दें कि इस साल की दूसरी तिमाही के अं’त में कंपनी की कमाई में 6.57 प्रतिशत की गिरा’वट आई है। वहीं दूसरी ओर अरामको को पछा’ड़कर ऐपल दुनिया की सबसे बड़ी पब्लिक कंपनी बन गई।

नासीर आगे कहा है कि “चीन को देखिए तो पता चलता है कि वहां गैसोलीन और डीज़ल की मांग को’विड-19 से पहले की तरह ही हो गई है। हम देख रहे हैं कि एशिया की स्थिति सुध’र रही है। जैसे-जैसे लॉ’कडा’उन में छूट बढ़ाई जाएगी, हालात सुधरेंगे। हम 75 अरब डॉलर के लाभांश को लेकर प्रतिब’द्ध हैं। यह मामला बोर्ड की मंज़ूरी और बाज़ार की स्थिति पर निर्भ’र करता है।” बता दें कि कोरो’ना की वजह से सऊदी अरब की हालत काफी ख’राब हो गई है, जिससे उ’बरने के लिए सऊदी सरकार ने बीते महीने ही वैल्यू एडेड टैक्स को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। साथ ही सऊदी अरब ने अपने सभी अहम प्रोजेक्ट्स पर भी रोक लगा दी है।

इस संबंध में सऊदी में 2007 से लेकर 2010 तक ब्रिटेन के राजदूत रहे सर विलियम पैटी का कहना है कि “सऊदी अरब ने बहुत संप’त्ति बना रखी है। उसके पास इतना रिज़र्व है कि वो इस स्थिति में ख़ुद को सं’भाले रख सकता है और अब भी बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी को स्थिर रखते हुए तेल की क़ीमतों में गिरा’वट के इस दौर से बाहर निकल सकता है।” रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल तक अरामको कंपनी के पास 17 खरब डॉलर थे, जिसमें से सऊदी अरब ने इसका छोटा सा हिस्सा बेचकर 25 अरब डॉलर कमाए थे, जोकि इतिहास की सबसे बड़ी बिक्री है।

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