दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनी के IPO को सऊदी क्राउन प्रिंस ने दी मंज़ूरी, अब विज़न..

मुंबई: इन दिनों व्यापार जगत में सबसे अधिक चर्चा किसी आईपीओ की है तो वो है सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कम्पनी सऊदी अरामको के आईपीओ की. इसको लेकर सऊदी अरब ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा है. ऐसा माना जा रहा है कि ये आईपीओ सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही सकारात्मक असर डालेगा. अब तक सौ प्रतिशत हिस्सा इस कम्पनी में सऊदी सरकार का ही है.

इस आईपीओ के बाद 1-2% पब्लिक भी इसमें हिस्सेदारी ले सकेगी. अब इस आईपीओ को मंज़ूरी मिल गई है. सऊदी अरब के मार्किट रेगुलेटर ने इसकी मंज़ूरी दे डी है. एक बयान में कहा कि अरामको के वित्तीय स्टेटमेंट्स, गतिविधियों और प्रबंधन के उसके प्रोस्पेक्टस सब्सक्रिप्शन पीरियड की शुरुआत से पहले प्रकाशित किया जाएगा. रेगुलेटर ने कहा कि आवेदन पर सीएमए की मंजूरी सीएमए बोर्ड रिजोल्यूशन की तारीख से छह महीने तक वैध रहेगी।

साथ ही रेगुलेटर ने कहा कि अगर इस दौरान कंपनी के शेयर्स की ऑफरिंग और लिस्टिंग पूरी नहीं होती है तो इस अनुमोदन को रद्द कर दिया जाएगा.आपको बता दें कि पिछले हफ़्ते अरेबिया ब्रॉडकास्टर ने बताया था कि सब्सक्रिप्शन 4 दिसम्बर से शुरू हो जाएगा और किंगडम के स्टॉक एक्स्चेंगे पर एक हफ़्ते बाद ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी. ऐसा माना जा रहा है कि इस क़दम के बाद सऊदी अरब में विदेशी निवेश बढ़ जाएगा.

असल में क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान सऊदी विज़न २०३० के अंतर्गत काम कर रहे हैं और वो चाहते हैं कि साल २०३० से पहले देश की अर्थव्यवस्था की निर्भरता तेल पर नगण्य हो जाए. सऊदी अरामको दुनिया के तेल उत्पादन का 10% अकेले ही उत्पादन करती है. इसका मुनाफ़ा कई बड़ी कम्पनियों के मुनाफों को मिला देने के बाद भी उनसे अधिक निकलेगा.

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