सऊदी अरब ने दिया चीन को झ’टका, कोरोना की वजह से स्थिति..

August 23, 2020 by No Comments

रियाद: दुनिया भर में कोरोना ने एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि इंसानी ज़िन्दगी बचाना बड़ी ज़िम्मेदारी हो गई है. परन्तु इस संकट ने एक और बड़े संकट का रास्ता खोल दिया है. कोरोना वायरस की वजह से कई देशों में आर्थिक संकट आने की स्थिति बन सकती है. जानकार मानते हैं कि अगर इसी तरह माँग कम रही तो आने वाले दिनों में बहुत गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं.

इसी वजह से सऊदी अरब में भी आर्थिक हालात पहले जैसे नहीं हैं. इसी वजह से सऊदी अरब की सरकारी तेल कम्पनी ने चीन के साथ किये गए एक समझौते से अपने क़दम पीछे खींच लिए हैं. हालाँकि अभी सऊदी सरकारी कंपनी ने इसको टालने की बात कही है. आपको बता दें कि 10 अरब डॉलर की 10 अरब डॉलर की रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स बनाने को लेकर समझौता किया गया था. ये चीन के लिए एक झटका माना जा रहा है.

सऊदी अरब ने ऐसा इसलिए किया है क्यूंकि कोरोना की वजह से तेल की खपत कम हुई है और इस वजह से तेल की क़ीमत बहुत कम हो गई है. तेल की क़ीमत का तेज़ी से गिरना सऊदी अरब के लिए बड़ी चिंता की बात इसलिए भी है क्यूंकि सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है और सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था मुख्यतः तेल पर निर्भर है. विश्लेषक ये भी आशंका जता रहे हैं कि अगर कोरोना का प्रकोप इसी तरह जारी रहा तो सऊदी अरब भारत में भी निवेश से पीछे हट सकता है.

आपको बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी अरामको ने महाराष्ट्र में भी प्रस्तावित 44 बिलियन डॉलर के रत्नागिरी मेगा रिफ़ाइनरी प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट करने की बात कही थी. परन्तु बाज़ारों की स्थिति ऐसी है कि अभी कुछ भी कहना मुश्किल है.

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