रियाद. सऊदी अरब ने पिछले कुछ सालों में विशेष प्रकार का सामाजिक विकास किया है. देश ने पिछले कुछ सालों में इस बात पर ध्यान दिया है कि अर्थव्यवस्था की निर्भरता को तेल से हटाया जाए. सऊदी अरब ने अब एक ऐसा फ़ैसला किया है जिसको लेकर पूरी दुनिया हैरान है. सऊदी अरब अमीर देश है इसको तो सभी जानते हैं लेकिन वो एक ऐसा शहर बना रहा है जिसकी लागत कई देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है. सऊदी अरब असल में एक स्पोर्ट्स सिटी बना रहा है जिसकी लागत 37 लाख करोड़ रुपए आंकी जा रही है.

ये भी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा माना जा रहा है. सऊदी अरब विज़न-२०३० पर काम कर रहा है, इस विज़न के ज़रिये सऊदी अरब कोशिश कर रहा है कि उसकी अर्थव्यवस्था की निर्भरता तेल पर से अपनी निर्भरता को कम करे. इसके तहत सऊदी अरब को स्पोर्ट्स इवेंट का वैश्विक केंद्र बनाया जाना है. लाल सागर की सीमा पर बनने वाली इस स्पोर्ट्स सिटी में लिबरल क़ानून लागू होंगे.

यहां सऊदी अरब के कई क़ानून लागू नहीं होंगे. सऊदी अरब में शराब पीने पर पाबंदी है लेकिन इस स्पोर्ट्स सिटी में इसकी इजाज़त रहेगी. इस सिटी का नाम ‘नेओम’ रखा गया है। इसका पहला चरण 2025 में पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2018 में ही हो गई थी .सऊदी अरब ने विजन-2030 के तहत रणनीतिक भागीदारी के लिए 8 देशों को चुना है। इनमें भारत भी है।

सऊदी के खेल मामलों के मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज बिन तुर्की अल फैसल का कहना है कि हम रणनीतिक भागीदारों से द्विपक्षीय समझौता करेंगे। खेल गतिविधियां और आयोजन को बढ़ाने के अलावा हम नेओम में उपलब्ध विश्व स्तरीय सुविधाएं इन देशों के साथ साझा करेंगे। सऊदी सरकार के इन नए फ़ैसलों की बहुत तारीफ़ हो रही है. इस तरह के कई और बदलाव सऊदी अरब सरकार अपने देश में कर रही है. जानकार मानते हैं कि सऊदी अरब कोशिश में है कि अरब देशों को भी यूरोप की तर्ज़ पर कर लिया जाए और इनका नेतृत्व वो ख़ुद करे.

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