मोदी की बड़ी घोषणा के बाद सरकार के सूत्रों ने बताया,’बात 30 अप्रैल की थी लेकिन 3 मई तक इसलिए बढ़ाया गया लॉक डाउन..’

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने आज देशव्यापी लॉक डाउन को बढ़ाने का फ़ैसला किया है. कोरोना वायरस को फैलने से रो’कने के लिए भारत सरकार ने 21 दिन का लॉक डाउन किया था जिसकी अवधि आज समाप्त होनी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है. गले में गमछा पहने प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ये घोषणा की.

प्रधानमंत्री ने देश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा,”मैं भारत की जनता का नमन करता हूं जिसने संकट की इस घड़ी में देश को पहले रखा और अपना द’र्द भूल गए.” पीएम मोदी ने इस दौरान बाबा साहब भीम राव अंबेडकर को भी याद किया और कहा आज देश के लोगों ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है. पीएम मोदी ने कहा कि ये त्योहारों का समय है लेकिन हमें अभी सतर्क रहने की जरूरत है.


उन्होंने कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत ने पहले ही कोरोना के संक्रमण को रो’कने का अभियान तेज कर दिया था. उन्होंने कहा कि पहले ही भारत के एयरपोर्ट में स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी. पीएम मोदी ने कहा कि जब हमारे यहां 550 केस थे तभी हमने 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी. हमने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया और उसी समय फैसले लेकर इसे रो’कने का प्रयास किया. पीएम मोदी ने कहा यह ऐसा संकट है कि इसकी तुलना किसी देश से नहीं की जा सकती है.

उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े बड़े देशों को देखें तो भारत काफी अच्छी स्थिति में है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले तक कुछ देशों में कोरोना मरीज उतने ही थे जितने भारत में थे लेकिन वहां हालात बदल गए और मरीजों की संख्या बढ़ गई लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारत सरकार ने समय पर फ़ैसले लिए जिसके कारण कोरोना का संक्रमण ज्यादा नहीं बढ़ा.


पीएम मोदी ने एक बार फिर सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का नाम लेते हुए कहा कि इससे निसंदेह भारत (भारतीय अर्थव्यवस्था) को नुकसान हुआ है लेकिन देशवासियों की जिंदगी के आगे ये नुकसान कुछ नहीं है. समाचार एजेंसी ANI ने ट्वीट किया है कि सरकारी सूत्रों ने इस बारे में बताया है कि लॉक डाउन की तारीख़ 30 अप्रैल की जगह 3 मई क्यूँ की गई. इस पर सूत्रों ने बताया कि चूँकि 1 को पब्लिक हॉलिडे है, 2 को शनिवार और 3 को इतवार, इसलिए ऐसा किया गया. 30 अप्रैल को लॉक डाउन ख़त्म होकर अगले दिन छुट्टी पाकर लोग बड़ी संख्या में बाहर निकल सकते थे.

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