प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में जून के शुरू में एक मीटिंग बुलाई गई थी. इस दौरान बड़ा फैसला लिया गया था और किराये के कानून (Model Tenancy Act) को मंजूरी दे दी गई है। इस कानून को मंजूरी मिलने से मकान या प्रॉपर्टी के मालिक और किरायेदार दोनों को फायदा पहुंचेगा। अगर इन दोनों के बीच कोई विवाद होता है। तो उसे सुलझाने के लिए इन्हें कानूनी अधिकार दिया जाएगा और खास कोर्ट भी बनाए जाएंगे।

जहां पर ऐसे मामलों का निपटारा जल्द से जल्द किया जा सकेगा। इस कानून को मंजूरी मिलने के बाद किरायेदार किसी की प्रॉपर्टी पर कब्जा नहीं कर सकेंगे और मकान मालिक भी किरायेदारों को परेशान कर घर खाली करने के लिए नहीं कह सकेंगे। कहा जा रहा है कि मॉडल टिनेंसी एक्ट को या तो नए रूप में लागू किया जाए या फिर पहले से चले आ रहे रेंटल कानून में संशोधन कर इसे लागू किया जाएगा।

इस कानून के लागू होने से रेंट कोर्ट्स और रेंट ट्रिब्यूनल्स बनाए जाएंगे। जहां पर किराये से जुड़े मामलों को हल किया जाएगा। विस्तार में जाने ये कानून 1. Model Tenancy Act के तहत मकान मालिक को घर के मुआयने, रिपेयर से जुड़े काम या किसी दूसरे मकसद से आने से पहले 24 घंटों का लिखित नोटिस अडवांस में किरायेदार को देना होगा।

2.किरायेदार को तभी घर से निकाला जा सकता है, जब उसने लगातार दो महीनों तक किराया न दिया हो या वो प्रॉपर्टी का गलत इस्तेमाल कर रहा हो।3.कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए अधिकतम 6 महीने का सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जा सकता है। जबकि घरों को किराये पर चढ़ाने के लिए दो महीने का सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जा सकता है।

4.किरायेदार अगर रेंट अग्रीमेंट पूरा होने के बाद भी मकान या दुकान खाली नहीं कर रहा है, तो मकान मालिक को चार गुना तक मासिक किराया मांगने का अधिकार होगा। नियम के अनुसार तय सीमा पर घर या दुकान किरायेदार खाली नहीं करता है। तो मकान मालिक अगले दो महीने तक उससे दोगुना किराये की मांग कर सकता है। जबकि दो महीने के बाद उसे चार गुना किराया वसूलने का अधिकार होगा।

5.बिल्डिंग के ढांचे की देखभाल की जिम्मेदारी किरायेदार और मकान मालिक, दोनों की होगी। अगर मकान मालिक ढांचे में कुछ सुधार कराता है। तो उसे रेनोवेशन का काम खत्म होने के एक महीने बाद किराया बढ़ाने की इजाजत होगी। मकान मालिक किरायेदार की जरूरी सप्लाई नहीं रोक सकता है।

6. राज्य सरकारें अपनी मर्जी से ये कानून अपने यहां भी लागू कर सकेंगी। राज्य सरकारें किराए की प्रॉपर्टी को लेकर किसी विवाद के जल्द समाधान के लिए रेंट कोर्ट्स और रेंट ट्राइब्यूनल्स भी बनाएंगी। 7. अगर अथॉरिटी के पास शिकायत जाने के एक महीने के अंदर किरायेदार बकाया रकम मालिक को दे देता है। तो उसे आगे रहने दिया जाएगा।

8. घर खाली कराना है तो मकान मालिक को पहले नोटिस देना होगा। इस नए कानून की मदद से अब कोई भी किरायेदार प्रॉपर्टी पर कब्जा भी नहीं कर सकता है।

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