सरकार के बयान से नाराज़ हुई मेडिकल एसोसिएशन,’एक तरफ़ कोरोना वारियर और दूसरी तरफ़..’

September 16, 2020 by No Comments

नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई है. इस विज्ञप्ति के ज़रिए एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के संसद में दिए बयान पर नाराज़गी जताई है. नाराज़गी उस बयान को लेकर है जिसमें सरकार ने कहा था कि कोरोना के चलते जान खोने वाले या इस वायरस से संक्रमित डॉक्टर्स का डाटा नहीं है. एसोसिएशन ने इस बयान पर आपत्ति दर्ज की है.

एसोसिएशन ने अपनी विज्ञप्ति में कहा,”अगर सरकार कोरोना संक्रमित होने वाले डॉक्टर और हेल्थ केयर वर्कर का डेटा नहीं रखती और यह आंकड़े नहीं रखती कि उनमें से कितनों ने अपनी जान इस वैश्विक महामारी के चलते कुर्बान की तो वह महामारी एक्ट 1897 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू करने का नैतिक अधिकार खो देती है. इससे इस पाखंड का का भी पर्दाफाश होता है कि एक तरफ इनको कोरोना वॉरियर कहा जाता है और दूसरी तरफ इनके और इनके परिवार को शहीद का दर्जा और फायदे देने से मना किया जाता है.”

साथ ही इसमें ये भी कहा गया है,”बॉर्डर पर ल’ड़ने वाले हमारे बहादुर सैनिक अपनी जान ख़त’रे में डालकर दुश्मन से ल’ड़ते हैं लेकिन कोई भी गोली अपने घर नहीं लाता और अपने परिवार के साथ नहीं साझा करता, लेकिन डॉक्टर्स और हेल्थ केयर वर्कर राष्ट्रीय कर्तव्य का पालन करते हुए ना सिर्फ खुद संक्रमित होते हैं बल्कि अपने घर लाकर परिवार और बच्चों को देते हैं.”

एसोसिएशन ने इसके अलावा डॉक्टरों की लिस्ट भी जारी की है जिनकी कोरोना मरीज़ों की देखभाल की वजह से जान खोयी. एसोसिएशन ने कहा,”केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि पब्लिक हेल्थ और हॉस्पिटल राज्यों के तहत आते हैं इसलिए इंश्योरेंस कंपनसेशन का डाटा केंद्र सरकार के पास नहीं है. यह कर्तव्य का त्याग और राष्ट्रीय नायकों का अपमान है जो अपने लोगों के साथ खड़े रहे.”

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने उन 382 डॉक्टर की लिस्ट जारी की जिनकी जान कोरोना की वजह से गई है.एसोसिएशन ने इसके साथ ही सरकार से चार माँगे राखी हैं. ये माँगे हैं- 1. सरकार कोरोना से मारे गए डॉक्टर्स को शहीद का दर्जा दे, 2. देश की सरकार इनके परिवार को सांत्वना और मुआवजा दे,3. सरकार नर्सों व अन्य हेल्थ केयर वर्कर प्रतिनिधि से भी ऐसा डाटा ले, 4. प्रधानमंत्री उचित समझें तो हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाएं और उनकी चिंताएं समझें और सुझाव लें

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