सचिन पायलट पर भरोसा करके फँसी भाजपा? अशोक गहलोत ने बनाया और..

July 27, 2020 by No Comments

जयपुर: राजस्थान के सियासी माहौल में एक बात तो साफ़ है कि इसका हल विधानसभा में वोटिंग ही है. हालाँकि एक बात उलटी है कि सत्ता पक्ष बार-बार वोटिंग कराने को कह रहा है, वहीँ विपक्षी दल इससे भाग रहा है. भाजपा नेता वोटिंग से बचने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कांग्रेसी पूरे दमख़म से वोटिंग करवाना चाहते हैं. साफ़ है कि भाजपा किरकिरी से बचना चाहती है. राजस्थान में सरकार गिराने की साज़िश के आरोप झेल रही भाजपा का तुरुप का पत्ता सचिन पायलट थे लेकिन अब वो ख़ुद ही ग़ायब हैं.

भाजपा के लिए अब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिराने से ज़्यादा अहम् हो गया है कि वो सचिन पायलट को बचा लें. कांग्रेस में बड़े पदों पर रहे सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद की चाहत में बग़ावत के पथ पर चल पड़े थे लेकिन वो ये चेक करना भूल गए कि उनके पीछे कितने लोग हैं. भाजपा भी सचिन पायलट की कही बातों पर विश्वास कर गई और अब एक अजीब संकट में फँस गई है.

एक बात तो साफ़ है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की राजनीति से सचिन पायलट के गुट को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है. युवा सचिन पायलट इस बात को पढ़ने में बड़ी ग़लती कर गए कि अशोक गहलोत के पास लंबा अनुभव है. गहलोत की जादुई राजनीतिक चालों ने राजस्थान में उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी को पूरी तरह से हटा दिया है. पायलट भाजपा के ख़ेमे में जाकर फँस गए हैं क्यूंकि वहाँ पहले ही मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं.

परन्तु सवाल विधानसभा में वोटिंग का है. भाजपा और सचिन पायलट ख़ेमा कहता रहा है कि कांग्रेस की सरकार के पास बहुमत नहीं है लेकिन जब मुख्यमंत्री वोटिंग कराने की बात कर रहे हैं तो दोनों ही पूरी चुप्पी साधे हैं. कांग्रेस ने भाजपा पर केन्द्रीय संस्थाओं के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है. हालाँकि अब ये साफ़ है कि भाजपा बुरी तरह से बैक-फुट पर है और किसी तरह इस पचड़े से बिना और किरकिरी हुए निकलना चाहती है.

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