सचिन पायलट ख़ेमे में लगी सेंध, कांग्रेस की मीटिंग में आ गए इतने विधायक..

July 13, 2020 by No Comments

जयपुर: राजस्थान में सियासी घमा’सान के बीच आज कांग्रेस की मीटिंग में 90 से अधिक विधायक शामिल होने से भाजपा और सचिन पायलट के गुट को झटका लगा है. सचिन पायलट पहले दावा कर रहे थे कि उनके पास 30 से अधिक विधायकों का समर्थन है लेकिन 107 विधायकों में से 90 आ जाने से साफ़ है कि सचिन के पास उतना बड़ा आँकड़ा नहीं है जिसका वो दावा कर रहे थे.

इस बीच एक वेबसाइट ने दावा किया है कि पायलट पिछले कुछ दिनों से CM बनने के लिए कोशिश करते रहे हैं.राज्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि केंद्र में भाजपा का अंत राजस्थान से शुरू होगा. उन्होंने कहा,”राजस्थान के लोग चाहते हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपना टर्म पूरा करें. उन्होंने दावा किया कि 109 विधायक पार्टी के साथ हैं. उन्होंने कहा,”हम नंबर गेम जीत रहे हैं”.

समाचार वेबसाइट NDTV ने अपने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि कांग्रेस के कुछ नेता ये कह रहे हैं कि सचिन पायलट पिछले कुछ महीनों में तीन बार मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर चुके हैं. उनको भाजपा से समर्थन की आस है. उधर पायलट भाजपा से जो बात कर रहे हैं उसमें वो या तो मुख्यमंत्री पद या फिर पेट्रोलियम मंत्रालय चाह रहे हैं लेकिन भाजपा को अभी इस बात का भरोसा नहीं हो रहा कि पायलट के साथ वाक़ई उतने विधायक हैं जिनका वो दावा कर रहे हैं. आज की कांग्रेस बैठक में 90 विधायकों के आने से पायलट को झटका लगा है.

इस पूरी हलचल के बीच कांग्रेस ने देर रात ढाई बजे एक प्रेस वार्ता की. इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने दावा किया कि उनके पास 109 विधायकों का समर्थन है और कुछ अन्य विधायक भी सुबह तक अपना समर्थन पत्र देंगे. वरिष्ठ कांग्रेस नेता अविनाश पाण्डेय ने कहा कि कई विधायकों से फ़ोन पर बात हुई है. इसके पहले पाण्डेय ने बताया कि सचिन पायलट से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है. जब पाण्डेय से कुछ पत्रकारों ने सचिन पायलट के बारे में सवाल किया तो उन्होंने पूछा,”वो दिल्ली में हैं?” पाण्डेय ने बताया कि सचिन पायलट से फ़ोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है.

एक बड़े घटनाक्रम में राजस्थान के मुख्य सचेतक महेश जोशी द्वारा राज्यसभा चुनाव से पहले दायर की गई शिकायत पर शुक्रवार को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप द्वारा पायलट को तलब किया गया था. सचिन पायलट के विश्वासपात्र विधायकों ने जांच के आदेश के बाद विद्रोह की धमकी दी है. पायलट के करीबी सूत्रों ने कहा, “इससे पहले कभी राज्य अध्यक्ष या उपमुख्यमंत्री को इस तरह का पत्र नहीं दिया गया.”

उन्होंने कहा, “आलाकमान ने हस्तक्षेप करने के लिए कुछ नहीं किया है.” गहलोत ने कहा है कि उन्हें मुख्य सचेतक के साथ-साथ पूछताछ के लिए सम्मन भी मिला है और सहयोग करना उनका कर्तव्य है. “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है,” सूत्रों ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया. गहलोत ने कल कहा कि बीजेपी पाला बदलने के लिए विधायकों को 15 करोड़ रुपये तक दे रही है. गहलोत ने कल शाम एनडीटीवी से कहा, “आपने इसे गोवा, मध्य प्रदेश और उत्तर-पूर्वी राज्यों में देखा.” वहीँ अशोक गहलोत ने अपना तुरुप का इक्का चल दिया है. अविनाश पाण्डेय अब सब मैनेज कर रहे हैं जो राजस्थान की राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं. पाण्डेय ने कहा,”कांग्रेस की सरकार मज़बूत है और ये जो भी लोग हैं हम उनका मुक़ाबला करेंगे”

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