राज्यसभा में अभी भी है सरकार के लिए बड़ी मुश्किल, पार करने के लिए NCP से..

September 19, 2020 by No Comments

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़े तीन विधेयक लोकसभा में तो पास करा लिए हैं लेकिन इनको राज्यसभा में पारित कराना भाजपा के लिए शायद उतना आसान न हो. भाजपा पुरज़ोर तरह से कोशिश में है कि किसी तरह राज्यसभा में भी ये तीनों विधेयक पारित हो जाएँ. इसी जोड़तोड़ को अपने पक्ष में मज़बूत करने के लिए भाजपा चाहती है कि वो एनसीपी को भी अपने पाले में कर ले. हालाँकि किसान राजनीति पर फोकस्ड ये पार्टी शायद ही भाजपा की बात माने.

245 सदस्यों वाली राज्य सभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है. फिलहाल दो स्थान खाली हैं. ऐसे में बहुमत का आँकड़ा 122 है. सियासी गणित की मानें तो भाजपा के पास अपने 86 सांसद हैं और NDA की बाक़ी पार्टियाँ मिलाकर आँकड़ा 105 तक पहुँच जाता है. अकाली दल इस बिल का विरोध करेगी तो उसको इसमें हमने नहीं जोड़ा है. अब 17 और सांसद चाहियें जो मोदी सरकार के इस बिल को पास करवाने में मदद करें. अब भाजपा की नज़र BJD, AIADMK, टीआरएस, तेदेपा जैसे दलों पर है.

सरकार दावा कर रही है कि प्रस्ताव के समर्थन में कम से कम 130 वोट पड़ेंगे. हालाँकि उसका दावा कितना सही साबित होगा ये तो वोटिंग के समय पता चलेगा. विपक्ष की बात करें तो उसके पास 85 के आसपास सांसद हैं. एनसीपी के 4 और शिवसेना के 3 सांसदों को भी भाजपा इस विधेयक के पक्ष में करना चाहती है.

आम आदमी पार्टी के तीन सदस्य, समाजवादी पार्टी के आठ सांसद, बीएसपी के चार सांसद भी बिल के विरोध में ही वोट करेंगे. यानी करीब सौ सांसद बिल के विरोध में हैं. देखा जाए तो सरकार का पलड़ा थोड़ा सा भारी है लेकिन और विरोध अगर बढ़ा तो भाजपा के लिए मुश्किल हो सकती है. सरकार जहाँ इस बिल को पास कराना चाहती है, विपक्ष चाहता है कि इस बिल को सेलेक्ट समिति में भेजा जाए.

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