राजस्थान बवा’ल में मिली विधानसभा सत्र बुलाने की मंजूरी, अशोक गहलोत ने किया..

July 31, 2020 by No Comments

राजस्थान: राजस्थान वि’वा’द में राज्यपाल कलराज मिश्र ने आखिरकार अशोक गहलोत के विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। बुधवा’र को उन्होंने यह फैसला सुनाया था और अशोक गहलोत को 14 अगस्त से विधानसभा सत्र बुलाने की इजाज़त दी थी। जिसके बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने खेमे के सभी विधायकों को जैसलमेर वापस ले जाने की पूरी तैयारी कर ली है। तीन चार्टर्ड प्लेन से विधायकों को जैसलमेर ले जाया जा रहा है। कुछ समय पहले सभी विधायक एयरपोर्ट पर दिखाई दिए थे।

मालूम हो कि यह सभी विधायक 13 जुलाई से जयपुर के बाहर एक होटल में रुके हुए थे। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी तना’नी शुरू हो गई थी। जिसके चलते सीएम आवास में सीएलपी की बैठक रखी गई थी, जिसमें पायलट को पार्टी के पदों से बर्खा’स्त करने की मांग उठाई थी। इस मीटिंग के बाद ही सचिन पायलट से उनका उपमुख्यमंत्री पद छीन लिया गया। जिसके बाद यह मामला हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था।

वहीं इस बीच अशोक गहलोत ने राज्यपाल से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की थी, जिसपर अब राज्यपाल ने सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है। बीते दिन इस संबं’ध में अशोक गहलोत ने दावा करते हुए कहा है कि “कल रात से जब से विधानसभा सत्र बुलाने की घोष’णा हुई है, राजस्थान में खरीद-फरोख्त (विधायकों की) का रेट बढ़ गया है। इससे पहले पहली किश्त 10 करोड़ और दूसरी किश्त 15 करोड़ रुपये थी। अब यह असीमित हो गई है। सब लोग जानते हैं कौन लोग खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।”

बुधवा’र को अशोक गहलोत ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि “केंद्र सरकार के सहयोग से, बीजेपी के षड्यं’त्र से और धनबल के प्रयोग से राज्य की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है। ये जो माहौल बना है, उससे चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमारी सरकार स्थायी और मजबूत है।” उन्होंने आगे कहा कि “पार्टी से बगा’वत करने वालों की माफी को लेकर फैसला आला’कमान को करना है। ये लड़ाई हम जीतेंगे और जिन लोगों ने पार्टी को धो’खा दिया है, वे वापस आ जाएंगे, माफी मांग लेंगे पार्टी आला’कमान से कि गलती हो गई। आला’कमान जो भी फैसला करेगा, हमें मंजूर होगा, लेकिन हम चाहेंगे कि वे जनता के वि’श्वास को तोड़ें नहीं।”

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