E’V’M के मुद्दे पर बोले राज ठाकरे-‘मैच फ़िक्स है तो तैयारी की क्या ज़रूरत है..’, सोनिया गांधी से..

लोकसभा चुनाव के ख़’त्म होने के बाद से ही राजनीतिक पार्टियां E-V-M को लेकर सवाल कर रही हैं. अब महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी इस मामले में कहा है कि वो बैलेट पेपर से चुनाव चाहती है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने आज कांग्रेस की नेत्री और UPA चेयरपर्सन सोनिया गांधी से मुलाक़ात की और इस विषय पर भी चर्चा की गई.

मनसे ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि आने वाले राज्य चुनावों को मतपत्र से कराया जाए. मुंबई में पार्टी के एक सहयोगी ने बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा और आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर यह मांग की. बैठक के बाद राज ठाकरे ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा,”चुनाव आयोग के अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं देखकर मैं यह कह सकता हूं कि वह इस तरह के एक गंभीर मुद्दे पर उदासीन लगे। हालांकि, मुझे उनसे शून्य उम्मीदें हैं।”

ठाकरे ने आरोप लगाया, ‘पिछले लोकसभा (2019) चुनावों में 370 निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डाले गए और वोटों की गिनती के आंकड़ों में गड़बड़ियां पाई गई हैं। मनसे प्रमुख ने तंज़ कसते हुए कहा,”अगर मैच पहले से फिक्स है, तब तैयारियों की क्या जरूरत है।” ठाकरे ने बताया कि उन्होंने आयोग को एक मांगपत्र सौंपा है, जिसमें महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान फिर मतपत्र से कराने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों से ई’वी’एम पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) खुद 2014 तक ईवीएम के खिलाफ थी, उनके नेता इस मामले में अदालत तक गए थे। ठाकरे ने कहा,’अचानक ऐसा क्या हो गया कि उन्होंने इस बारे में बात तक करनी बंद कर दी है।’ ठाकरे ने कहा कि भारत में चुनाव दो-तीन महीनों तक चलते हैं, यदि परिणामों की घोषणा में कुछ दिनों की देरी हो भी जाती है, तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं।

उन्होंने कहा कि 2018 में ही उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों को देश में ईवीएम के विरोध में एकजुट होने के लिए कहा था और अपील की थी कि हमें मतपत्र को फिर से प्रयोग में लाना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि उस समय किसी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन शायद अब वे इस मुद्दे पर विचार करें।

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