राहुल की रैली ने कांग्रेस में डाली जान, इस ज़िले में सभी सीटों पर लहराया परचम और यहाँ…

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के प्रचार में ज़्यादा रैलियां नहीं कीं. हरियाणा में उन्होंने महेंद्रगढ़ और नूह में रैलियों को संबोधित किया. चुनाव के आख़िरी छोर पर हुईं इन रैलियों ने कमाल का रंग दिखाया और एक समय बहुत पिछड़ रही कांग्रेस को जैसे जान सी मिल गई. हरियाणा में भले कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला लेकिन इस बार पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 31 सीटें हासिल कीं जबकि भाजपा 40 सीटों पर जीत गई, जेजेपी को भी 10 सीटें मिलीं. 90 सीटों की विधानसभा में बहुमत के लिए 46 सीटों की ज़रूरत है.

हरियाणा में कांग्रेस के बारे में कई मीडिया ग्रुप कह रहे थे कि ये 10 के अन्दर सिमट जाएगी लेकिन पार्टी ने शानदार वापसी की और भाजपा से काँटे का मुक़ाबला हुआ. हम आपको बताते हैं उन दो सीटों का जहाँ राहुल गांधी रैली करने के लिए गए थे. महेंद्रगढ़ में राहुल रैली करने गए थे और यहाँ पार्टी के उम्मीदवार राव दान सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को अच्छे अंतर से हराया.

नूह में भाजपा ने ज़ाकिर हुसैन को टिकट दिया था, ज़ाकिर क्षेत्र के मज़बूत नेता माने जाते हैं लेकिन कांग्रेस के आफ़ताब अहमद ने उन्हें कड़े मुक़ाबले में हरा दिया. क्षेत्रीय जानकार मानते हैं कि राहुल का प्रचार करना ही ज़ाकिर को भारी पड़ गया. आपको बता दें कि नुह सीट मेवात ज़िले में पड़ती है. मेवात की तीन विधानसभा सीटों में से तीनों पर कांग्रेस का क़ब्ज़ा हुआ है. पिछली बार कांग्रेस यहाँ से एक भी सीट नहीं जीती थी.

नूह से आफ़ताब जीते तो पुनहाना से कांग्रेस पार्टी के मुहम्मद इलियास ने क़रीबी मुक़ाबले में निर्दलीय उम्मीदवार रहीश ख़ान को हरा दिया. फ़िरोज़पुर झिरका से मम्मन ख़ान ने बड़ी जीत हासिल की. इसका अर्थ ये हुआ कि राहुल गांधी की एक रैली ने कांग्रेस का बड़ा फ़ायदा करा दिया. महेंद्रगढ़ ज़िले की बात करें तो ज़िले की चार सीटों में से नारनौल और अटेली से भाजपा, नांगल चौधरी से भी भाजपा ने चुनाव जीता लेकिन महेंद्रगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा के क़द्दावर नेता रामबिलास शर्मा को कांग्रेस के रावदान सिंह ने हरा दिया.

Manohar Lal Khattar

उन्होंने 10 हज़ार से भी अधिक अंतर से भाजपा के नेता को हरा कर भाजपा को बड़ा झटका दिया. हालाँकि महेंद्रगढ़ में कांग्रेस 4 में से एक ही सीट जीती है लेकिन ये सीट कई मायनों में अहम् है. दूसरी बात ये भी ध्यान देने वाली है कि इन सीटों पर कांग्रेस कभी मुक़ाबले में थी ही नहीं.

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