रघुवंश की मौ’त से लालू हुए उदास, न किसी से बात कर रहे हैं और न..

September 13, 2020 by No Comments

पटना: बिहार की राजनीति के बड़े नेताओं में शुमार किये जाने वाले रघुवंश बाबू का आज निधन हो गया. वो राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के सबसे घनिष्ठ साथी थे. हाल के दिनों में लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक टिपण्णी की थी जो रघुवंश बाबू को पसंद नहीं आयी थी. उनकी सेहत भी पिछले दिनों बिगड़ने लगी और इसी समय वो एम्स में भर्ती हो गए. एम्स में भर्ती होने के बाद जब उनकी तबीअत बिगड़ने लगी तो उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू को अपना त्यागपत्र दे दिया.

हाथों से लिखी हुई एक चिट्ठी उन्होंने अपने दोस्त लालू को लिखी, लालू ने भी अपने पुराने अज़ीज़ दोस्त को तुरंत ख़त लिखा और कहा कि आप कहीं नहीं जा रहे. मौजूदा राजनीति में कहीं और ऐसा उदाहरण नहीं मिलता जहाँ किसी नेता ने कहा हो कि वो त्यागपत्र दे रहे हैं और उसके जवाब में अपना हक़ जताते हुए अध्यक्ष कहे कि आप कहीं नहीं जा रहे. अभी ये बात परसों की ही थी कि आज ख़बर आयी कि बाबू रघुवंश नहीं रहे.
Lalu- Raghuvansh [/caption]
रघुवंश का जाना लालू के लिए झकझोर देने वाला रहा है. अपने साथी की मौत पर उन्होंने लिखा,”प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया? मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन आप इतनी दू’र चले गए। नि:शब्द हूँ। दुः’खी हूँ। बहुत याद आएँगे।” रघुवंश की मौत ने लालू को पूरी तरह से ग़म में डुबो दिया है. लालू न किसी से बात कर रहे हैं और न ही किसी से मिलना चाह रहे हैं. समाजवादी राजनीति के दोनों बड़े नेताओं का याराना राजनीतिक ही नहीं पारिवारिक भी था. हो सकता है कि लालू यादव के बेटों को न मालूम हो कि रघुवंश लालू के लिए क्या थे.

लालू यादव अभी तक इस बात का यक़ीन नहीं कर पा रहे कि बाबू नहीं रहे. वो किसी से बात नहीं कर रहे हैं. रघुवंश ने लालू का अच्छे-बुरे हर समय साथ दिया. पारिवारिक मुद्दों पर भी वो बोलते थे. रघुवंश अगर कुछ कह दें तो लालू कभी उनकी बात नहीं काटते थे. दोनों ने इस तरह राजनीति की जैसे कि स्कूल में दो साथी पढ़ाई करते हैं.

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