नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है. कोरोना के आँकड़े हर रोज़ बढ़ रहे हैं. अस्पतालों में स्थिति चिंताजनक है और कई अस्पतालों में ऑक्सीजन और ज़रूरी दवा भी नहीं मिल पा रही है. कई शहरों में मरीज़ बिना दवा और ऑक्सीजन के त’ड़पते हुए मर रहे हैं और डॉक्टर बेबस लाचार दिख रहे हैं.

इस बीच कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने देश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों और स्वास्थ्य व्यवस्था (Health Ministry) की लचर हालत को लेकर सवाल उठाए हैं. प्रियंका गांधी ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा,”यह सरकार दुबई में आईएसआई से बात कर सकती है, लेकिन विपक्ष से बात नहीं कर सकती. उनके सुझावों पर चर्चा नहीं कर सकती.”

न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा,”ऑक्सीजन उत्पादन में भारत दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है, तो फिर यहां इसकी कमी क्यों है? आपके पास कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बीच 8 से 9 महीनों का समय था. आपके खुद के सीरो सर्वे यह संकेत दे रहे थे कि दूसरी लहर आएगी लेकिन आपने इसपर ध्यान नहीं दिया.”

कांग्रेस महासचिव ने कहा,”आज भारत में सिर्फ 2 हजार ट्रक ही ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट कर सकते हैं. मुश्किल ये है कि ऑक्सीजन उपलब्ध है, लेकिन वहां नहीं पहुंच पा रहा जहां उसे पहुंचना चाहिए. पिछले 6 महीनों में 11 लाख रेमेडेसिविर इंजेक्शन का निर्यात किया गया और आज हम किल्लत से जूझ रहे हैं.”

प्रियंका गांधी ने भारत की ओर से कोरोना टीका निर्यात किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए. उनके मुताबिक़, जनवरी से मार्च के बीच सरकार ने 6 करोड़ कोरोना वैक्सीन निर्यात की. इस दौरान सिर्फ 3 से 4 करोड़ भारतीयों को ही टीका दिया गया था. भारतीयों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई?’ उन्होंने कहा,”वैक्सीन की कमी खराब योजनाओं के कारण हुई. रेमेडेसिविर की किल्लत इसलिए हुई, क्योंकि कोई योजना नहीं थी, ऑक्सीजन की कमी इसलिए हुई, क्योंकि कोई रणनीति नहीं थी. यह सरकार की विफलता है.”

प्रियंका गांधी ने कहा,”आप आज भी चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं. रैलियों में हंस रहे हैं. सब तरफ से लोगों के रोने की रिपोर्ट आ रही है. लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं. लेकिन आप बड़ी-बड़ी रैलियों में जाकर हंस रहे हैं. हंस कैसे सकते हैं. समझ में ही नहीं आ रहा कि ये सरकार क्या कर रही है? शमशान घाटों पर इतनी भीड़ लगी है, लोग कूपन लेकर खड़े हैं. हम इस स्थिति में सोच रहे हैं कि हम क्या करें. जो सरकार को करना चाहिए था, वो सरकार नहीं कर रही है.” प्रियंका गांधी ने कहा कि देश इस समय महामारी से जूझ रहा है. यह राजनीति करने का वक्त नहीं है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पीएम को जो सुझाव दिया है उस पर काम करने की जरूरत है.

By Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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