भाजपा-शिवसेना के टू’टते गठबंधन पर कांग्रेस ने दिया बयान,’हमारे पास आये तो..’

भारत राजनीति

मुंबई: लम्बे समय से चल रही महाराष्ट्र की सियासी उथल पुथल में अब कांग्रेस का भी बयान आ गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि भाजपा और शिवसेना को महाराष्ट्र के वोटरों को बताना चाहिए कि उनके बीच तय क्या हुआ था. उन्होंने कहा कि अगर दोनों में इतना अविश्वास है तो ये सरकार कैसे बनायेंगे. उन्होंने साथ ही शिवसेना को इशारों में ही कह दिया है कि अगर वो प्रपोज़ल लायी तो विचार किया जाएगा.

उन्होंने कहा,”अगर शिवसेना कोई प्रपोज़ल लाती है तो हम उसे अपने हाई कमांड के सामने रखेंगे उस पर अपने सहयोगियों से चर्चा करेंगे..(हालाँकि) अभी तक कोई भी इस तरह का प्रपोज़ल शिवसेना की तरफ़ से नहीं आया है.” इसके पहले कल से ही शिवसेना और भाजपा में खुले तौर पर बयानबाज़ी जारी है. शिवसेना ये कह रही है कि भाजपा ने ’50-50 फ़ॉर्मूला’ की बात कही थी लेकिन भाजपा अब कह रही है ऐसी कोई बात नहीं हुई थी. इसी के चलते आज होने वाली भाजपा-शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं की मीटिंग भी कैंसल हो गई है.

आपको बता दें कि शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बयान देकर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कोई ’50-50 फ़ॉर्मूला’ न होने की बात कही है. राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने ख़ुद अपने मुँह से 50-50 फ़ॉर्मूला की बात की थी, उद्धव जी ने भी इसको कहा था..ये अमित शाह के सामने हुआ था. उन्होंने कहा,”अब ये कहते हैं कि ऐसी कोई बात हुई नहीं तो मैं प्रणाम करता हूँ ऐसी बातों को. वो कैमरे के सामने कही हुई बात को नकार रहे हैं.”

राउत ने कहा कि भाजपा-शिवसेना के बीच आज 4 बजे बातचीत होनी थी लेकिन अगर मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि कोई 50-50 फ़ॉर्मूला डिस्कस नहीं हुआ था तो बात क्या होगी? किस बेसिस पर हम उनसे बात करें. इसलिए उद्धव जी ने मीटिंग कैंसल कर दी. राउत ने साथ ही कहा,”मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री ने क्या..अगर वो कह रहे हैं कि ’50-50 फ़ॉर्मूला’ कभी डिस्कस नहीं हुआ तो हमें सच की परिभाषा बदलनी पड़ेगी. जो भी डिस्कस हुआ था जिसके बारे में CM बात कर रहे हैं..वो सभी जानते हैं, मीडिया भी थी वहाँ.”

इसके पहले मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय शिवसेना ने प्रपोज़ल दिया था कि रोटेशनल मुख्यमंत्री होना चाहिए लेकिन इस पर कोई भी फ़ैसला मेरे सामने नहीं हुआ था..अगर कोई फ़ैसला अमित शाह जी और उद्धव जी के बीच हुआ है तो ये उन्हीं को पता होगा और फिर वही तय कर सकेंगे. उन्होंने साथ ही कहा कि हमारे पास दस निर्दलीय विधायकों का समर्थन है और पाँच और विधायक हमारे साथ आ सकते हैं.

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