पूरे भारत के स्टूडेंट्स के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँचे आदित्य ठाकरे, उद्धव ठाकरे की सरकार..

July 19, 2020 by No Comments

महाराष्ट्र: कोरो’ना सं’क्र’मण के कार’ण सभी स्कूल कॉलेज बन्द कर दिए गए थे। जिसकी वजह सारी परीक्षाएं टाल दी गई थीं। बाद में सरकार की ओर से गाइडलाइंस जारी होने के बाद ऑनलाइन परीक्षाएं लेना शुरू कर दिया था। वहीं सोमवा’र यानी 6 जुलाई को यूजीसी ग्रेजुएट बैचों के लिए अं’तिम सेमेस्टर परीक्षा को रद्द करने की सिफा’रिश नहीं करने का फैसला किया था। साथ ही सितंबर तक इन परीक्षाओं को करने की सलाह दी थी। जिसपर महारा’ष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने शनिवा’र को यूजीसी के इस निर्ण’य के खि’लाफ सुप्रीम को’र्ट का दरवाजा ख’टख’टाया है।

आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में युवा सेना ने सुप्रीम को’र्ट में या’चिका दायर की है। बयान जारी करते हुए युवा सेना ने कहा है कि “केंद्र सरकार परीक्षा आयोजित करने की अनुमति देकर देशभर में छात्रों की सुर’क्षा, डर, मानसिक एवं शारी’रिक स्वास्थ्य की अनदेखी कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि “कोरो’ना एक रा’ष्ट्रीय आपदा है, इसे देखते हुए यूजीसी को अं’तिम वर्ष की परीक्षाएं स्थगित कर देनी चाहिए। हालांकि, ऐसा लगता है कि UGC इस बात को नहीं समझ पा रहा है कि देश किस विपत्ति से गुजर रहा है।”

UGC


युवा सेना ने चिं’ता जताते हुए कहा कि स्टूडेंट्स के एग्जाम सेंटर आने-जाने में कोरो’ना सं’क्र’मण का खत’रा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि फाइनल ईयर की परीक्षाएं लेने के बजाय स्टूडेंट को अकादमिक वर्ष के नंबरों के आधा’र पर प्रोमोट कर देना चाहिए। आदित्य ठाकरे ने मानव संसाधन मंत्रालय की आलो’चना करते हुए ट्वीट किया था कि “क्या यूजीसी हर स्टूडेंट की स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेगा और चेताया था कि इससे लाखों छात्र-छात्राओं और टीचिंग स्टाफ की जान खत’रे में पड़ सकती है।”

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