मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही सियासी उथल पुथल जारी है. भाजपा-शिवसेना गठबंधन के टूट जाने के बाद से ही नई सरकार के गठन को लेकर प्रक्रिया तेज़ है. राज्यपाल ने एक दिन का समय दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को दिया था लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से शिवसेना कांग्रेस-एनसीपी के विधायकों के समर्थन वाला पत्र नहीं हासिल कर सकी.

शिवसेना ने राज्यपाल से तीन दिन का समय माँगा था लेकिन राज्यपाल ने समय देने से इनकार कर दिया. इसके बाद राज्यपाल ने प्रदेश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी एनसीपी को सरकार बनाने का न्योता दिया है. एनसीपी-कांग्रेस ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था. ऐसा माना जा रहा है कि शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस मिलकर सरकार बना लेंगे. कुछ मुद्दों पर अभी बात होनी बाक़ी है जिस वजह से शिवसेना कांग्रेस-एनसीपी का समर्थन पत्र नहीं पेश कर सकी.

जानकार मान रहे हैं कि कांग्रेस कल सुबह तक फ़ैसला ले लेगी और एनसीपी-शिवसेना तो पहले ही एक दूसरे को समर्थन देने की बात कर चुके हैं. गठबंधन में मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा, इसमें किसी को भी शंशय नहीं है. परन्तु मुख्यमंत्री कौन होगा इसको लेकर संभावनाओं की चर्चा हो रही है. सूत्रों के मुताबिक़ एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनें. उद्धव ठाकरे के अनुभव पर पवार को भरोसा है जबकि शिवसेना के वरिष्ठ नेता भी यही मानते हैं.

आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की मांग करने वाले भी कम संख्या में नहीं हैं लेकिन उद्धव ठाकरे तीन बड़ी पार्टियों से बनी गठबंधन सरकार को बेहतर ढंग से चला पाएँगे. चूंकि वो वरिष्ठ नेता हैं तो गठबंधन के लिए ज़रूरी उनका अनुभव काम आयेगा. हालाँकि पार्टी का युवा कार्यकर्त्ता चाहता है कि आदित्य ठाकरे मुख्यमंत्री बनें. आदित्य मुख्यमंत्री बनें और उनका मार्गदर्शन उद्धव ठाकरे करें.

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