नई दिल्ली। बाबा रामदेव की पतंजलि ने पिछले कुछ वर्षों में जिस तेज़ी से ग्रोथ की उससे बड़े बड़े दावे कम्पनी के लोग कर रहे थे लेकिन इस बार जो आँकड़े आये हैं वो कम्पनी के लिए अच्छे नहीं कहे जा सकते. पतंजलि ने जल्द ही बाज़ार में अपनी पहचान बनाई और कई तरह के प्रोडक्ट्स कम्पनी बेचने लगी. एक समय तो यूँ था कि बड़ी बड़ी कम्पनियां भी पतंजलि से घबराने लगे लेकिन अब मामला उलटा होता दिख रहा है.

मीडिया में जो ख़बरें आ रही हैं उसके मुताबिक़ पतंजलि अब पिछड़ती नज़र आ रही है. एक समय कम्पनी दावा कर रही थी कि उसका टर्नओवर 20000 करोड़ तक पहुँच जाएगा लेकिन ये इस बार 10000 करोड़ से भी कम हो गया है. कम्पनी की बिक्री में 10 फीसदी की बड़ी कमी देखी गई है. अब ये महज़ 8100 करोड़ रुपए ही रह गई है. इसके पीछे ज्जानकर मानते हैं कि कम्पनी ने कुछ अधिक तेज़ी से अपना विस्तार करना शुरू कर दिया था.

वहीँ कुछ जानकार मानते हैं कि कम्पनी GST आने के बाद अपनी बिक्री क़ायम नहीं रख सकी. कम्पनी अपने आपको GST के साथ एडजस्ट करने में चूक गई है. उल्सालेखनीय है कि साल 2017 में रामदेव ने कहा था कि उनकी कंपनी के टर्नओवर के आंकड़े मल्टीनेशनल कंपनियों को कपालभाती करने को मजबूर कर देंगे. दरअसल कपालभाती को एक मुश्किल योग माना जाता है. आपको बता दें कि कुछ जानकार मान रहे हैं कि आने वाले समय में पतंजलि की रेटिंग और कम हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो योगगुरु बाबा रामदेव के लिए ये बुरी ख़बर होगी.

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