असदउद्दीन ओवैसी (फ़ाइल फ़ोटो)

भारत के सबसे बड़े राजनीतिक दल बीजेपी लगातार कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती रही है। इस जुमले को सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही उछाला था । हालांकि जिस तरह बीजेपी ने एक के बाद एक राज्यो मे जीत हासिल की. उससे बीजेपी का यह सपना हक़ीक़त मे बदलता नज़र आ रहा था। लेकिन कर्नाटक चुनाव के बाद हालात बदले. हैं और अब शायद अब यह संभव न हो पाये। लेकिन ऑल इंडिया मजलिश-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (ए आई एम आई एम) के अध्यक्ष असदुद्दीन आवैसी का कांग्रेस मुक्त भारत के बारे मे कुछ अलग ही रुख है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि अमित शाह कांग्रेस मुक्त भारत नहीं बल्कि मुस्लिम मुक्त भारत बनाना चाहते हैं। वह मुसलमानों को साज़िश के तहत अलग थलग करना चाहते है।

असदुद्दीन औवेसी के इस बयान के बाद तेलंगाना में सियासत और तेज़ हो गई है। उल्लेखनीय है बीजेपी ने पिछले चुनाव में तेलंगाना की 119 सीटों में 5 सीटें जीतने में सफल रही थी। जबकि ओवैसी की एआईएमआईएम को 7 सीटें मिली थीं। आप को बता दें कि इन दिनों तेलंगाना में विधानसभा चुनाव को लेकर ओवैसी काफ़ी आक्रामक नज़र आ रहे हैं। वह राज्य में बीजेपी-कांग्रेस और तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के खिलाफ जमकर आग उगल रहे हैं। उन्होंने अपनी एक रैली के दौरान चंद्रबाबू नायडू पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मुसलमानों के हितैषी नहीं हो सकते। उनका कहना था कि वह उस समय भी बीजेपी के साथ खड़े रहे हैं जब मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे थे ।

एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी गठबंधन के सवाल पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की साख पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह ‘गुजरात दंगों के दौरान भाजपा के एक समर्थक थे।जब अखलाक, रोहित, जुनैद, अलीमुद्दीन की हत्या की गई तो उस समय वह मोदी सरकार की कैबिनेट का एक हिस्सा था।

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