पोंडिचेरी: पिछले कुछ समय में ऐसा देखा गया है कि शिक्षण संस्थान के संचालक छात्रों को समझने की कोशिश करने के बजाय उनके वि’चारों का दमन करने में लगे हैं. छात्र अगर प्रोटेस्ट करते हैं तो उनके ख़िला’फ़ नोटिस जारी हो जाता है और छात्र अगर कोई सेमिनार करते हैं तो पहले उसका सब्जेक्ट पूछ लिया जाता है. अब ख़बर है की पोंडिचेरी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में एक छात्रा से इसलिए भेदभा’व किया गया क्यूँकी वो हिजाब पहने हुई थी.

दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि थे. उन्होंने यहाँ छात्र और छात्राओं को सम्मानित किया लेकिन इसी समय यूनिवर्सिटी की एक गोल्ड मैडल छात्रा को दीक्षांत समारोह में शामिल होने से रोक दिया गया. इस छात्रा का नाम राबिया अब्दुर रहीम है. राबिया ने बताया कि मुझे नहीं पता कि मुझे अन्दर क्यूँ नहीं जाने दिया..लेकिन जब अन्दर मौजूद छात्रों ने पुलिस से सवाल किया तो पुलिस कर्मी ने कहा कि शायद उसने अलग तरह से स्कार्फ़ पहना है इसलिए.

राबिया ने कहा कि ये कारण हो सकता है. राबिया का आरोप है कि उसे सबके सामने नीचा दिखाने और अपमानित करने की कोशिश की गई। छात्रा ने कहा, “मैं अन्य छात्रों के साथ सभागार के अंदर बैठी हुई थी, तभी मुझे वहां से बाहर जाने के लिए कहा गया। वहां पर मुझे अपना हिजाब हटाने के लिए कहा गया, लेकिन जब मैंने इससे इनकार कर दिया तो मुझे सभागार से बाहर बैठने के लिए कहा गया। इस पूरी घटना के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अंदर ही मौजूद थे।”

राबिया ने बताया कि जब बाद में उन्होंने मुझे गोल्ड मैडल लेने के लिए स्टेज पर बुलाया तो मैंने ऐसा करने से मना कर दिया…जो भारत में हो रहा है वो बुरा है और इसलिए मैं गोल्ड मैडल लेना नहीं चाहती थी. उन्होंने कहा कि मैं उन सभी छात्रों के साथ हूँ जो NRC और CAA के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण ढंग से खड़े हैं. राबिया को एमए (मास कम्युनिकेशन) में गोल्ड मैडल प्राप्त हुआ है.

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