निज़ामुद्दीन मस्जिद में नमाज़ियों की संख्या पर कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया जा सकता- दिल्ली HC

नई दिल्ली: रमजान का महीना 14 अप्रैल से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने को’र्ट में यह दलील दी थी कि एक समय पर केवल 20 लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जाए। लेकिन अदालत ने उनकी इस द’लील को खा’रिज़ कर दिया। हजरत निजामुद्दीन मस्जिद में नमाज अदा करने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने इजाज़त दे दी है। जस्टिस मुक्त गुप्ता ने कहा कि यह एक सार्वजनिक स्थल है।

जब बाकी किसी धार्मिक स्थलों पर ऐसी कोई रोक नही है तो फिर वे वहां पर आने वाले लोगों की संख्या तय नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा,”कोई भी व्यक्ति पूजा के लिए मंदिर, मस्जिद या गिरिजाघर में जा सकता है। किसी भी धर्म के मामले में संख्या को सीमित करने का कोई जिक्र नहीं है। ऐसे में मस्जिद के मामले में भी संख्या को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं दिया जा सकता”.

पुलिस ने यह दलील दी थी कि उसकी तरफ से वैरिफाइड 200 लोगों की लिस्ट में से सिर्फ 20 लोगों को ही मस्जिद में जाने की इजाज़त मिले। वहीं कोर्ट ने कोरोना संक्रमण की सभी गाइडलाइंस को मानने की बात कही। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया कि रमजान के महीने में नमाजियों के लिए निजामुद्दीन मरकज को खोला जा सकता है।

केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता रजत नायर ने सोमवार को अदालत से कहा कि रमजान के दौरान मस्जिद में नमाज अदा करना, दिल्ली में को’विड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सामजिक दूरी का पालन करने और अन्य एहतियातों से जुड़े DDMA के दिशा निर्देशों के अनुसार होना चाहिए।

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