नीतीश कुमार को कमज़ोर करने के लिए भाजपा ने फिर चली बड़ी चाल, क़रीबी नेता को नहीं..

November 15, 2020 by No Comments

पटना. बिहार में विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुके हैं और NDA सरकार बनाने जा रहा है. जदयू नेता नीतीश कुमार सातवीं बार सूबे के मुख्यमंत्री बनने को तैयार हैं. हालाँकि इस बार भाजपा का गेम कुछ अलग तरह का है. चुनाव के पहले भी भाजपा ने लोक जनशक्ति पार्टी के ज़रिए जदयू को कमज़ोर करने की कोशिश की और जिसमें वो काफ़ी हद तक कामयाब भी रही. भाजपा इस आरोप को ग़लत बताती है लेकिन जदयू नेता कहीं न कहीं इस बात को मानते हैं कि भाजपा ने चिराग़ पासवान को आगे किया.

राजनीति में लेकिन गणित का बड़ा अहम् रोल है और गणित ऐसी है कि न तो जदयू भाजपा को छोड़ सकती है और न ही जदयू भाजपा को. अब ऐसे में दोनों साथ तो हैं लेकिन दोनों ही अन्दर अन्दर दूसरे को कमज़ोर करने की कोशिश में हैं. भाजपा ने चुनाव में अधिक सीटें जीतने के बाद भी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति तो दे दी लेकिन इस बार भाजपा ने जिन नेताओं को मंत्रालय में बड़े पद के लिए सोचा है वो नीतीश कुमार के फेवरिट नहीं हैं.

अन्दरख़ाने की ख़बर ये है कि भाजपा ने चुनाव के पहले जो काम शुरू किया था, अब वो उसे ठीक से पूरा करने की कोशिश करने जा रही है. यही वजह है कि भाजपा इस बार सुशील मोदी को बड़ा पद नहीं देना चाहती. भाजपा नेता सुशील मोदी को नीतीश कुमार का क़रीबी माना जाता है. भाजपा इस बार नीतीश पर ढंग से दबाव बनाने जा रही है. भाजपा ने इस बार जिन दो नेताओं को आगे किया है उनके नाम हैं -तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी. बिहार की नई सरकार में इस बार दो उपमुख्‍यमंत्री बनाए जा सकते हैं और ये जिम्‍मेदारी तारकिशोर प्रसाद (Tarkishore Prasad) के साथ रेणु देवी (Ranu Devi) को मिल सकती है.

बिहार में चर्चा गर्म है कि नीतीश कुमार को और कमज़ोर करने के लिए ये फ़ैसला लिया गया है. नीतीश मुख्यमंत्री बनने तो जा रहे हैं लेकिन वो इस जाल से निकलने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं. NDA गठबंधन के अन्दर दो बड़े दल एक दूसरे से लड़ रहे हैं, अब इसमें कौन कामयाब होता है ये आने वाले समय में पता चलेगा.

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