भाजपा को झ’टका देते हुए नीतीश कुमार ने दिया ये बयान, तेजस्वी यादव ने कोई भी ग़’लत…

लोकसभा चुनाव के समाप्त होने के बाद से ही बिहार NDA में खींचतान की स्थिति है. कभी जदयू की ओर से कोई ऐसा बयान आता है जो भाजपा को पसंद नहीं आता तो कभी भाजपा का नेता ऐसा बयान दे देता है जो जदयू को रास नहीं आता. इस वजह से लगातार दोनों पार्टियों के बीच खटास बढती जा रही है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर ऐसा बयान दे दिया है जो भाजपा को पसंद नहीं आयेगा.

ताजा घटना में नीतीश कुमार ने राजद नेता और तेजस्वी यादव पर ऐसा बयान दे दिया है जो सभी को हैरान करने वाला है.दरअसल,बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव पर ये आ’रोप लगाया कि जब तेजस्वी राज्य के डिप्टी सीएम थे तब उन्रहोंने आधिकारिक बंगले की साज-सज्जा पर काफी अधिक धन खर्च किया. नीतीश कुमार ने लेकिन इस मसले पर ऐसा बयान दे दिया है जो भाजपा नेताओं को बगले झाँकने पर मजबूर कर रहा है.

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री के रूप में आवंटित हुए 5,देशरत्न मार्ग बंगले की मरम्मत और साज-सज्जा पर कोई गैरजरूरी खर्च नहीं किया.दरअसल,सीएम नीतीश कुमार के साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री बने तेजस्वी को उक्त बंगाल आवंटित किया गया था,लेकिन जब राजद के साथ नीतीश का गठबंधन टूट गया तो उक्त बंगले को मौजूदा उपमुख्यमंत्री मोदी को आवंटित कर दिया गया.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नीतीश कुमार ने कहा कि सरकारी बंगले पर अधिक खर्च को लेकर तेजस्वी यादव के खिलाफ कोई जांच नहीं चल रही है.बंगले पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन ये पूरे खर्च अलग-अलग समय पर अलग-अलग मद में किए गए.अगर ये खर्च एक साथ किए गए होते तो इसके लिए कैबिनेट या वित्त विभाग की मंजूरी की जरूरत होती.कोई अतिरिक्त धन खर्च नहीं किया गया.

इसी साल फरवरी महीने में जब सुशील मोदी इस बंगले में शिफ्ट हुए थे तो उन्होंने आरोप लगाया था कि तेजस्वी ने इसके रिनोवेशन पर काफी अधिक धन खर्च किए.उन्होंने कहा था कि उन्हें ऐसा लगा कि वह एक 7 स्टार होटल में आए हैं.वह बंगले की साज-सज्जा को देखकर हैरान रह गए थे. सुशील मोदी ने कहा था कि यहां तक कि प्रधानमंत्री का बंगला भी इतना सुंदर तरीके से नहीं सजाया गया होगा.सुशील मोदी ने कहा था कि यहां रहने वाला व्यक्ति सोचा था कि वह हमेशा के लिए ही यहां रहेगा.

सुशील मोदी ने दावा किया कि इस बंगले पर करोड़ों रुपए ख़र्च किए गए. मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के बराबर वाले बंगले को 2015 में तेजस्वी यादव को आवंटित किया गया था. लेकिन जदयू और राजद के बीच गठबंधन टूटने के बाद इसे 2017 में सुशील मोदी को आवंटित कर दिया गया.तेजस्वी यादव बंगला खाली नहीं कर रहे थे.

सुशील मोदी बंगले के लिए अदालत भी पहुँच गए लेकिन अदालत ने भी उन्हें कोई राहत न दी. इस साल फ़रवरी में वो आख़िर इस बंगले में शिफ्ट हो सके. सुशील मोदी के बयान पर नीतीश कुमार की टिपण्णी फिर से यही इशारा कर रही है कि भाजपा और जदयू में सब कुछ ठीक नहीं है.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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