नागोर्नो-काराबाख़ में अज़रबैजान के साथ क्यूँ खड़ा है इज़राइल? ये हैं कारण..

October 22, 2020 by No Comments

नाग्रोनो काराबाख़ विवाद में अज़रबैजान को जिन देशों से समर्थन मिल रहा है उसमें एक नाम इज़’राइल का भी आता है. आर्मीनिया लम्बे समय से इज़राइल पर ये आरोप लगाता रहा है कि वो अज़रबैजान को हथियार सप्लाई कर रहा है. इतना ही नहीं जब २७ सितम्बर को अज़रबैजान और आर्मीनिया में जं’ग शुरू हुई तो आर्मीनिया ने अपने राजदूत को इज़राइल से वापिस बुला लिया. यहाँ एक और बात बता दें कि इसी साल सितम्बर में ही अर्मीनिया ने अपनी एम्बैसी इज़राइल में खोली है.

इज़राइल अज़रबैजान का समर्थन क्यूँ कर रहा है? ये सवाल कई लोगों के ज़हन में है. इस सवाल के भी पूछे जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण है कि अज़रबैजान एक मुस्लिम देश है और इज़राइल के अधिकतर मुस्लिम देशों से सम्बन्ध अच्छे नहीं हैं. इज़राइल जिन कारणों की वजह से अज़रबैजान के साथ है उनमें एक बात तो यही है कि अज़रबैजान एक मुस्लिम देश है और इज़राइल चाहता है कि वैश्विक स्तर पर उसके भी मुस्लिम देश दोस्त बनें.

अज़रबैजान एक ऐसा देश है जिसका फ़िलिस्तीन मूवमेंट से कोई ख़ास लेना देना नहीं रहा है, इसलिए इज़राइल को अज़रबैजान अपना पक्का साथी नज़र आता है. एक और कारण जो नज़र आता है वो है ट्रेड, इज़राइल अपने तेल का 40% हिस्सा अज़रबैजान से लेता है, इसके अलावा दूसरे ट्रेड के रास्ते भी दोनों देशों में हैं. अज़रबैजान की लोकेशन भी एक इम्पोर्टेन्ट फैक्टर है जिसकी वजह से इज़राइल अज़रबैजान के साथ नज़र आता है.

अज़रबैजान अपना बॉर्डर आर्मीनिया के अलावा रूस और ईरान जैसे देशों से शेयर करता है. इज़राइल के सम्बन्ध दोनों ही देशों से अच्छे नहीं हैं. ऐसे में अगर उसे कास्पियन सी के पास एक अच्छा दोस्त मिलता है तो वो उस दोस्ती को निभाने की कोशिश में हैं. और समझने के लिए पोस्ट के बीच में दिए वीडियो लिंक पर जाएँ.

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