नागोर्नो-काराबाख़ में रुका यु’द्ध, अज़रबैजान ने आर्मीनिया को उल्लं’घन पर घेरा..

October 18, 2020 by No Comments

नागोर्नो-काराबाख़ को लेकर अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच चल रही जं’ग में यु’द्ध-विरा’म का एलान हुआ है. इतवार की मध्य-रात्रि से ये यु’द्ध-विराम लागू हो गया है. अज़रबैजान के विदेश मंत्रालय ने इस सिलसिले में एक बयान दिया और कहा कि रिपब्लिक ऑफ़ अज़रबैजान और रिपब्लिक ऑफ़ आर्मीनिया के बीच ह्यूमनीटेरियन यु’द्ध-विराम लागू किया गया है. इस बयान में कहा गया कि ये फ़ैसला फ़्रांस, रूस और संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति के बयानों के बाद दिया गया है.

10 अक्टूबर को बाकू और येरवान के बीच एक यु’द्ध विराम की घोषणा हुई थी लेकिन 24 घंटे के अन्दर ही ये यु’द्धविराम ध्व’स्त हो गया. आर्मीनिया की ओर से एक मिसाइल दाग़ी गई जो अज़रबैजान के शहर गंजा में गिरी जिसमें 10 लोगों की मौ’त हो गई. अज़रबैजान ने आरोप लगाया कि 15 तारीख़ को एक बार फिर आर्मीनिया ने सिविलियन पर हम’ला किया और चार आम शहरियों की मौ’त हो गई.

ताज़ा यु’द्ध विराम को लेकर भी अज़रबैजान ने आरोप लगाया है कि नागोर्नो-काराबाख़ के अलगाववादी गुट इसका उल्लं’घन कर रहे हैं. अज़रबैजान के विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि अर्मीनिया की सेना इस अग्रीमेंट का विरोध कर रही है. उल्लेखनीय है कि सोवियत युनियन के कमज़ोर होने की शुरुआत के साथ ही ये विवा’द भी खड़ा हुआ था. नागोर्नो-काराबाख़ क्षेत्र अज़रबैजान का हिस्सा है लेकिन इस पर आर्मीनिया ने पिछले क़रीब 30 साल से क़’ब्ज़ा जमाया हुआ है.

अर्मीनिया कहता है कि यहाँ उसके मूल के अधिक लोग रहते हैं इसलिए ये उसे दिया जाए लेकिन अन्तराष्ट्रीय कम्युनिटी इसे अज़रबैजान का हिस्सा मानती है.तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोगन ने नागोर्नो-काराबाख़ के मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की. उन्होंने कहा कि तुर्की चाहता है कि नागोर्नो-काराबाख़ का परमानेंट सलूशन निकाला जाए. तुर्की राष्ट्रपति दफ़्तर ने एक बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों ने क्षेत्रीय वि’वाद पर बात की जिसमें अज़रबैजानी-आर्मीनियाई वि’वाद अहम् तरह से डिस्कस किया गया.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *