न’फ़रत फैलाने वालों से लड़ने के लिए इस देश में क़ुरआन की 10 हज़ार प्रतियाँ बाटेंगे मुस्लिम..

हम सभी इस बात को महसूस कर रहे हैं कि दुनिया के अधिकतर देशों में मंदी के हालात हैं. इसका एक प्रमुख कारण है कि राजनीति करने वाले लोगों ने आर्थिक समस्याओं को हल करने के बजाय इस पर से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही काम करना बेहतर समझा है. कई देशों में धार्मिक और नस्लीय आधार पर नफ़रत करने वाले नेता आगे बढ़ रहे हैं.

वो अपनी रैलियों में किसी तरह के रोज़गार या जनता के मुद्दों की बात नहीं करते बल्कि वो ये बताते हैं कि कैसे वो सर्वश्रेष्ठ हैं और दूसरा बुरा है. इसी तरह का एक मामला नोर्वे में हुआ था जब एक दक्षिणपंथी संगठन ने इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक क़ुरआन को जलाने की कोशिश की थी. पिछले दिनों नार्वे के शहर क्रिस्टियानसांड में बीते हफ्ते धुर दक्षिणपंथी संगठन ‘स्टॉप इस्लमाइजेशन आफ नार्वे’ ने प्रदर्शन किया था।

इस दौरान क़ुरआन को जलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी में ही एक मुस्लिम युवक ने कुरान जलाने वाले पर धावा बोलकर उनके हाथों से क़ुरआन की कॉपी को छीन लिया था. एक हफ्ते बीत जाने के बाद अब तीन मुस्लिम संगठन ने इस तरह के मामलों को रोकने के लिए क़ुरआन की हज़ारों मुफ्त प्रतियां नार्वे में बाटने का फैसला किया है।

दैनिक समाचार पत्र Vårt Land की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन संगठन-नॉर्वेजियन मुस्लिम आर्ट्स एंड कल्चर एसोसिएशन, इस्लामिक लिटरेचर एसोसिएशन और मिन्हाज-उल-कुरान मिलकर नागरिकों को नार्वेजियन अनुवाद के साथ कुरान की कुल 10,000 प्रतियां वितरित करेंगे।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुस्लिमों की आबादी वाले शहर क्रिस्टियानसैंड में ये फैसला कुरान को जलाने के जवाब में है। इस क़दम की सराहना की जा रही है. आम लोग मानते हैं कि इससे इस्लाम के बारे में फैलाई जा रहीं झूठ की बातों से मुक़ाबला किया जा सकेगा.

About Arghwan Rabbhi

Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

View all posts by Arghwan Rabbhi →

Leave a Reply

Your email address will not be published.