नागरिकता संशोधन विधेयक पर बड़ा ब’वाल, ओवैसी ने बिल की कॉपी फाड़ी

December 9, 2019 by No Comments

नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 पर आज बहस के दौरान ज़बरदस्त हंगामा देखने को मिला. आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असद उद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये बिल हिटलर के क़ानून से भी बदतर है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि आख़िर मुसलमान से इतनी नफ़रत क्यूँ है? ओवैसी ने अपने भाषण के बाद बिल की कॉपी को फाड़ दिया. ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि भाजपा को इतिहास से सीखना चाहिए.

इसके पहले ओवैसी ने कहा कि सभापति महोदय इस बिल को पेश होने से रोक दीजिये और अमित शाह को भी बचा लीजिये वर्ना उनका नाम हिटलर और इज़राइल के डेविड बेन गूरियेन के नाम के साथ लिखा जाएगा. ओवैसी के इस बयान पर भाजपा के सदस्यों ने हंगामा किया. जानकार मानते हैं कि इस बिल का राज्यसभा में पास होना उतना आसान नहीं है जितना सरकार दावा कर रही है. बिल के विरोध में आवाज़ें उठ रही हैं.

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया है।इस बिल पर अपनी राय रखते हुए कांग्रेस के सीनियर लीडर मनीष तिवारी ने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर हमला बोला है जिसमें उन्होंने धर्म के आधार पर देश के विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था. मनीष तिवारी नेकहा कि तथ्य यह है कि पहली बार अहमदाबाद में 1935 में वीर सावरकर ने द्विराष्ट्र का सिद्धांत दिया था. हिंदू महासभा के अधिवेशन में उन्होंने यह बात कही थी.

उनके इस आरोप पर बीजेपी सांसदों ने ऐतराज भी जताया. गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बयान में कहा था कि कांग्रेस की वजह से देश में धार्मिक बटवारा हुआ. इस बात का कांग्रेस के सदस्यों ने भारी विरोध किया. इसी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि दो राष्ट्र की थ्योरी सावरकर ने दी थी और कांग्रेस ने इसका लगातार विरोध किया था.

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