नागरिकता संशोधन विधेयक कवर करने गईं BBC पत्रकार ने किया दावा,’पुलिस ने खींचे बाल, दीं गालियाँ…’

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ दिल्ली में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शन आज एक समय हिंसक हो गया लेकिन छात्रों ने दावा किया कि वो किसी भी तरह की हिंसा के ख़िलाफ़ हैं. अब इस मामले में बीबीसी की पत्रकार बुशरा शेख़ ने बड़ा बयान दिया है. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक़ बुशरा शेख़ ने कहा कि मैं यहाँ बीबीसी की कवरेज के लिए आयी थी, पुलिस ने मेरा फ़ोन छीन लिया और तोड़ दिया.

उन्होंने कहा कि एक पुरुष पुलिस-कर्मी ने मेरे बाल खींचे.मुझे लाठी से मारा..और जब मैंने उनसे अपना फ़ोन माँगा तो उन्होंने मुझे गालियाँ दीं…मैं यहाँ मज़े लेने नहीं आयी थी, मैं कवर करने आयी थी.आपको बता दें कि आज जामिया में हिंसक प्रदर्शन हुआ है.रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 3 बसों में लगाई आग, दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर. दमकल एक गाड़ी में भी तो’ड़फोड़, एक फ़ायरमैन को चोट लगी.

प्रदर्शनकारी छात्रों के नेता ने कहा है कि वो किसी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते और प्रदर्शन लगातार शांतिपूर्ण ही होगा.जामिया के समर्थन में जहाँ देश के कई हिस्सों से आवाज़ें उठ रही हैं वहीं ये भी बार बार कहा जा रहा है कि प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण होना चाहिए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस अब हमारे प्रोटेस्ट को बदनाम करना चाहती है और इस वजह से वो हमें हिंसक होने का लेबल देगी.

उन्होंने दावा किया कि पुलिस अपने लोगों को घुसाने का प्रयास करेगी और उनसे हिंसा कराएगी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने प्रदर्शन में हुई हिंसा पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि किसी को हिंसा में लिप्‍त नहीं होना चाहिए. किसी भी तरह की हिंसा अस्‍वीकार्य है. प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहना चाहिए.दूसरी ओर भाजपा की सहयोगी और अब तक नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन करने वाली असम गण परिषद ने अब इस विधेयक को ग़लत बताया है. पार्टी ने इस विधेयक के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाने का फ़ैसला किया है. असम गण परिषद ने कहा है कि वो उन लोगों के जज़्बात को समझते हैं जिन्हें ये विधेयक अपनी पहचान के लिए ख़तरा लगता है.

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Arghwan Rabbhi is a researcher and journalist.

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