मुस्लिम परिवार से बिछड़ गई थी ढाई साल की बच्ची, अब है साईं बाबा की भक्त, 15 साल बाद…

February 14, 2021 by No Comments

हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के कर्नूल की सकीना गुज़रे 15 सालों से अपनी बेटी से मिलने की उम्मीदें लगा रखी थी। उसे अल्लाह पर भरोसा था कि उसकी गुमशुदा बेटी एक न एक दिन उसे मिलेगी। 15 साल पहले सकीना ने अपनी बेटी को हैदराबाद के प्रसिद्ध मक्का मस्जिद में खो दिया था। तब वह बस ढाई साल की थी। बेटी अब मिली है तो किशोरावस्था में आ चुकी है।

गौर करने वाली बात ये कि सकीना की बेटी की पिछले 15 सालों से एक हिंदू बच्ची की तरह परवरिश हो रही है। बच्ची अपने मां बाप को भी नहीं पहचानती है। इस बच्ची का नाम इन्होंने फातिमा रखा था। लेकिन फातिमा अपना नाम भूल चुकी है। उसे अब सभी स्वप्ना कहकर बुलाते हैं। स्वप्ना हैदराबाद के ही एक अनाथालय में पली बढ़ी। अब वो अपने माहौल में इस तरह रम गई है कि वो अपने घर भी नहीं जाना चाहती है। परिवार ने फातिमा के गुम होने की पूरी दास्तान बताई।
Cute baby

उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार अजमेर शरीफ से हैदराबाद लौटा था। इसके बाद वे सभी हैदराबाद के मक्का मस्जिद गए। वहीं अचानक फातिमा लापता हो गई। पूरे परिवार ने मिलकर कई दिनों तक मासूम को ढूंढा। थाने में रिपोर्ट कराई, फिर भी फातिमा का पता नहीं चल सका। फातिमा के मिलने की आस लगाए परिवार कई दिनों तक हैदराबाद में ही टिका रहा। जब उनकी सारी उम्मीदें टूट गई तो वे कर्नूल लौट गए। फातिमा किसी तरह हैदराबाद पुलिस के दो जवानों को मिली। फिर पुलिस ने बच्ची को अनाथालय के हवाले कर दिया।

दोनों पुलिसवाले ऐंटी चाइल्ड ट्रैफिकिंग और ऑपरेशन स्माइल के तहत जुड़े हुए थे। पुलिस के मुताबिक बच्ची के पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। फातिमा के भाई ने कहा, ‘यह ऐसी स्थिति है कि हमें कुछ समझ नहीं आ रहा। हम लोग खुशी मनाएं या दुखी हों? हालांकि हम अपनी बहन को अपने गांव ले जा रहे हैं। वहां परिवार और रिश्तेदारों से मिलवाकर उसे वापस अनाथालय लाकर छोड़ देंगे ताकि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सके।’ फातिमा की इच्छा के खिलाफ परिवार उसे कर्नूल नहीं ले जाना चाहता है।

ये जरूर है कि फातिमा कुछ दिनों के लिए अपने पैतृक गांव जाएगी और अपने रिश्तेदारों से मिलेगी। इसके बाद वो फिर हैदराबाद लौट आएगी। फातिमा अब 11वीं कक्षा में पढ़ाई करती है। पुलिस जांच में पता चला कि पेशे से राजमिस्त्री ख्वाजा मोइनुद्दीन ने हुसैनेलियम थाने में 2005 में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हैदराबाद पुलिस ने कुर्नूल पुलिस से बच्ची के बारे में बातचीत की। बच्ची की मां ने भी उसके शरीर पर निशानों से उसकी पहचान की। खोई हुई फ़ातिमा अब स्वप्ना बन चुकी है।

इसके साथ ही उसकी आस्था ने भी रूप बदल लिया है। फातिमा साई बाबा की भक्त है। वो मुस्लिम धार्मिक रीति रिवाज से अनजान है, हालांकि फातिमा उर्फ स्वप्ना इतनी समझदार है कि वो इस्लाम का भी आदर करती है। फातिमा को साईं बाबा की पूजा करते देख परिवार के लोग भी परेशान हुए। हालांकि वे फातिमा की आस्था का आदर करते हुए उस पर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाना चाहते हैं।

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