अनकरा: सीरिया के इदलिब प्रांत में तुर्की वि’द्रोही गुटों का समर्थन करते हुए सीधे मैदान में उतर आया है जबकि रूस भी सीरियाई सरकार की ओर से सामने आ गया है. इदलिब प्रांत में लम्बे समय से त’नाव था लेकिन ये तना’व सीरियाई फ़ौज के हमलों के बाद यु’द्ध में बदल गया. तुर्की ने इस यु’द्ध को अपने पक्ष में करने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में सैनि’क यहाँ भेजे हैं वहीँ रूस भी छुप छुप कर सीरियाई सरकार की पूरी मदद कर रहा है.

इस त’नाव के माहौल के बीच आज तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एरदोआन की मुलाक़ात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होगी. मास्को में होने वाली इस मुलाक़ात का उद्देश्य माना जा रहा है कि यु’द्धविराम की स्थापना. इस टक’राव के ख़ात्मे के लिए कोशिशें शुरू हो चुकी हैं. तुर्की ने कहा है कि बुधवार को हुए संघर्ष में सीरियाई से’ना के हमले में उसके दो और सै’निक मा’रे गए हैं और छह घायल हुए हैं. आपको बता दें कि इस प्रांत में विद्रो’हियों की मज़बूत पकड़ रही है और पिछले 9 साल से बशर अल असद यहाँ जीत के ख्व़ाब भर ही देख पा रहे हैं.

वि’द्रोहियों को तुर्की सरकार का समर्थन हासिल है लेकिन पिछले कुछ समय में रूस और सीरिया की से’ना ने इलाक़े की मज़बूत घेराबंदी की है. एर्दोआन ने मास्को रवाना होने से पहले कहा कि उनका मक़सद सीरिया में यु’द्धविराम लागू करवाना है. एर्दोगन अगर अपने उद्देश्य में कामयाब हुए तो इदलिब में सीरियाई से’ना की कार्रवाई रुक जाएगी. हालाँकि रूस इस मामले में तुर्की को दोष दे रहा है और कह रहा है कि तना’व इसलिए बढ़ा है क्यूँकि तुर्की ने यहाँ आक्रामक रुख़ अपनाया है. अब इस मुलाक़ात का नतीजा क्या निकलता है ये जल्द ही मालूम होगा. आपको बता दें कि सीरिया के इदलिब में हालात सामान्य हों इसके लिए अन्य देश भी कोशिशें कर रहे हैं.

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