मुम्बई पुलिस के एक्शन के बाद बड़ी कंपनी ने तीन चैनल्स को किया ब्लैक-लिस्ट, अब इनको एड नहीं मिलेंगे..

October 11, 2020 by No Comments

पिछले कुछ सालों में न्यूज़ चैनल ड्रामा चैनल में परिवर्तित हो चुके थे लेकिन पिछले 3-4 साल में तो हालत ये हो गई कि कुछ न्यूज़-चैनल पर सिवाय ज़हर के कुछ नज़र ही नहीं आता. ये चैनल अपने आपको कल टीआरपी का बादशाह बताते थे लेकिन अब टीआरपी घोटाले का पर्दाफ़ाश होने की वजह से ये घबराए फिर रहे हैं. एक समय था कि लोग न्यूज़ चैनल देखते थे कि उन्हें ख़बरें मिलेंगी लेकिन अब जब वो न्यूज़ चैनल खोलते हैं तो उस पर चीख़-पुकार, धमकी, ड्रामा, मोनो-एक्टिंग, किसी पे इलज़ाम लगाना तो किसी को दोषी कहना, यही सब होता है.

यही वजह है कि जब आप उन लोगों से मिलें जो इस तरह के चैनल देखते हैं तो अलग क़िस्म की टेंशन में होते हैं. उन्हें ये मालूम भी नहीं चलता लेकिन ये सब उनके दिमाग़ पर चढ़ चुका होता है. इन सभी चैनल्स पर न’फ़रत फैलाने के नए-नए तरीक़े ढूँढे जाते हैं. हालाँकि टीआरपी घोटाले का पर्दाफ़ाश होते ही इनमें से कुछ के होश ठिकाने लग गए हैं. हालाँकि बिलबिला ये अब भी रहे हैं लेकिन ये वैसे ही है जैसे मोमबत्ती बुझने से पहले फड़फड़ाती है.

अब इनको सबक़ सिखाते हुए बजाज ऑटो ने एक बड़ा फ़ैसला किया है. बजाज ऑटो ने तीन बड़े चैनल को इसलिए ब्लैक-लिस्ट कर दिया है क्यूँकि वो न’फ़रत फैलाते हैं. एक बिज़नस न्यूज़ चैनल से बात करते हुए बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज ने बताया कि तीन चैनल्स को उन्होंने ब्लैकलिस्ट किया है क्यूँकि ये चैनल नफ़’रत फैलाते हैं और समाज में ज़हर घोल रहे हैं. बजाज ने कहा कि एक मज़बूत ब्रांड का काम यही नहीं है कि वो बिज़नस में अपना कॉन्ट्रिब्यूशन दे, उसके लिए समाज के लिए काम करना भी ज़रूरी है.

ख़बर है कि कुछ और ब्रांड भी इस तरह के चैनल्स को ब्लैकलिस्ट कर सकते हैं. उम्मीद है कि वो इस तरह का फ़ैसला लेंगे क्यूँकि ऐसे ही फ़ैसले लेने से बाक़ी चैनल्स पर भी दबाव बनेगा कि कुछ ऐसा न दिखाएँ जो समाज को तोड़े. हाल ही में टीआरपी घोटाला सामने आया है जिसमें रिपब्लिक टीवी का भी नाम है. रिपब्लिक टीवी और दो अन्य चैनल्स पर आरोप है कि ये टीआरपी बढ़ाने के लिए भ्रष्टाचार में लिप्त हैं.

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