FIFAWorldCup ओपनिंग सेरेमनी में हॉलीवुड अभिनेता मोर्गन फ्रीमैन, FIFA 2022 के ब्रांड एंबेसडर ग़नीम अल मूफ्ताह से सवाल करता है “अब दुनिया और भी दूर और विभाजित महसूस होती है इतने सारे देश, भाषाएं और संस्कृतियों को एक साथ आने का तरीका क्या हो सकता है, अगर केवल एक ही रास्ता स्वीकार किया जाए!

इस सवाल के जवाब मे ग़नीम अल मुफ्ताह कुरआन के सुरह अल हुजरात की आयत नम्बर तेरह पढ़ता है, आयत में मोर्गन के सवाल का जवाब है,
يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّا خَلَقْنَاكُم مِّن ذَكَرٍ وَ أُنثَىٰ وَ جَعَلْنَاكُمْ شُعُوبًا وَ قَبَائِلَ لِتَعَارَفُوا ۚ إِنَّ أَكْرَمَكُمْ عِندَ اللَّهِ أَتْقَاكُمْ ۚ إِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ خَبِيرٌ

(“लोगों हमने तो तुम सबको एक मर्द और एक औरत से पैदा किया और हम ही ने तुम्हारे कबीले और बिरादरियाँ बनायीं ताकि एक दूसरे की शिनाख्त करे इसमें शक़ नहीं कि ख़ुदा के नज़दीक तुम सबमें बड़ा इज्ज़तदार वही है जो बड़ा परहेज़गार हो बेशक ख़ुदा बड़ा वाक़िफ़कार ख़बरदार है”)

आयत पढ़ने के बाद ग़नीम कहता है, हमारा मानना है के मानवजाति इस पृथ्वी पर राष्ट्र और कबीलों के रूप में बिखरी हुई है ताकि हम एक दूसरे से सीखें और एक दूसरे के बीच मौजूद इख़तेलाफ़ की ख़ूबसूरती को महसूस करें।

बेशक आपका व्यवहार, आपका स्वभाव और आपका कर्तव्य ही आपको भीड़ में सबसे बड़ा, सबसे इज़्ज़तदार, सबसे खास बनाता है न कि आपकी जाति, आपका धन और आपकी शक्ति। कुरआन की इस पढ़ने के बाद मुफ़्ताह इस्लामी दुनिया के हीरो बन गए है हर तरह मुफ़्ताह के ही चर्चे हैं सच कहा अल्लाह जिसको चाहे जैसे चाहे इज़्ज़त से नवाज़ दे तमाम माज़ूरी के बाद अल्लाह ने कैसे चमका दिया ।

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