कर्णाटक के सियासी ड्रामे में जितनी देर हो रही है उतना ही कांग्रेस और जेडीएस के लिए ये फ़ायदे वाली बात साबित हो रही है. कांग्रेस अपने बाग़ी विधायकों को समझाने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाये हुए है. ऐसे में भाजपा के लिए सरकार बनाना मुश्किल हो जाएगा. आज बाग़ी विधायक एमटीबी नागराज से सुबह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार मिलने के लिए पहुँचे.

शिवकुमार से एक मीटिंग के बाद ही नागराज ने बग़ावत छोड़ दी है. नागराज ने इस मीटिंग के बाद कहा कि कुछ परिस्थिति ऐसी थी कि हमने इस्तीफ़े दिए लेकिन अब डीके शिवकुमार और अन्य लोग हमसे मिलने आये और हमसे आग्रह किया है कि हम इस्तीफ़ा वापिस ले लें तो मैं के सुधाकर राव से भी बात करूँगा और उसके बाद फ़ैसला करूँगा कि क्या करना चाहिए..आख़िर हम दशकों से कांग्रेस में हैं.

वहीँ डीके शिवकुमार इस मुलाक़ात के बाद आश्वस्त दिखे. उन्होंने कहा कि हमें साथ जीना है और साथ ही म’रना है क्यूंकि हमने पार्टी को 40 साल दिए हैं. उन्होंने कहा कि परिवार में कुछ उतार चढ़ाव आते हैं..हमें सब भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए..मुझे ख़ुशी है कि नागराज ने भरोसा दिलाया है कि वो हमारे साथ रहेंगे.

इसके कुछ देर बाद ही नागराज कर्णाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्दरामैया से मिलने उनके आवास पहंचे. दूसरी ओर निर्दलीय विधायकों आर शंकर और एच नागेश जिन्होंने सरकार से समर्थन वापिस ले लिया है, उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया है कि उनके बैठने की व्यवस्था विपक्षी बेंच पर की जाए.

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