कर्णाटक में भाजपा के लिए बढ़ी चिं’ता, विश्वास-मत जी’तने के बाद भी स’त्ता

बेंगलुरु/ नई दिल्ली: कर्णाटक में जेडीएस-कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के गिर जाने के बाद से ही ऐसी उम्मीदें की जा रही हैं कि अब राज्य में भाजपा की सरकार होगी. भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदयुरप्पा को चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलेगा. परन्तु मामला इतना आसान भी नहीं है क्यूंकि अगर येदयुरप्पा मुख्यमंत्री बन भी जाते हैं तो भी वो कितने दिन इस पद पर रहेंगे इसका कुछ क्लियर नहीं है.. फ़िलहाल तो भाजपा+ के 107 विधायक हैं और कांग्रेस-जेडीएस के 101.

एक बसपा का विधायक है जबकि 15 सीटें ख़ाली हैं. इन 15 सीटों पर फिर से चुनाव होंगे. सारा दारोमदार इन 15 सीटों पर है. अगर इन 15 सीटों में से कांग्रेस-जेडीएस 12 या इससे अधिक जीत लेती है तो भाजपा सरकार संकट में आ जाएगी क्यूंकि तब कांग्रेस-जेडीएस के 113 विधायक होंगे जोकि बहुमत के लिए काफ़ी होंगे. यही वजह है कि भाजपा में कई नेता असमंजस में हैं कि भाजपा सरकार कितने दिन चलेगी.

बात ये भी है कि 15 में से 12 सीटें जीतने के लिए कांग्रेस-जेडीएस को ज़ोर लगाना होगा लेकिन ये सभी सीटें कांग्रेस-जेडीएस के गढ़ वाली क्षेत्र में हैं, इसलिए अधिक सीटें तो जेडीएस-कांग्रेस के पक्ष में जाने की संभावना है. इन सब कयासों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता जेसी मधुस्वामी ने कहा कि बाग़ी विधायकों ने 14 महीनों तक अपने विवाद को क्लियर करने की कोशिश की लेकिन जो सत्ता में थे उन्होंने उनकी बात नहीं सुनी..अब उनका रिश्ता ख़राब हो चुका है.

उन्होंने आगे कहा कि सवाल ही नहीं उठता कि वे लोग फिर अपनी पुरानी पार्टी में जाएँ..हमें पूरा भरोसा है कि हम सरकार बना लेंगे.वहीँ इस बारे में चर्चा करने के लिए अरविन्द लिम्बवाली ने कहा कि हम यहाँ केन्द्रीय नेतृत्व से बात करने के लिए आये हैं कि नई सरकार बनाने को लेकर क्या स्ट्रेटेजी हो और क्या एक्शन प्लान हो..हम अमित शाह, जे पी नड्डा से मिलेंगे.

वहीँ एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि मैं इस अवसर पर सबसे ज्यादा खुश हूं. ऐसा इसलिए क्योंकि बीते 14 महीनों में मैंने राज्य की उन्नति के लिए काम किया. मैंने तमाम परेशानियों के बावजूद निष्ठा से काम किया और आज मैं ऑफिस को छोड़ते हुए भी सबसे ज्यादा खुश हूं. उन्होंने कहा, ‘मैं अब उनमें दिलचस्पी नहीं ले रहा हूं. कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन का मामला हमारे नेताओं पर छोड़ दिया गया है. मेरी जिम्मेदारी अब मेरी पार्टी के प्रति है. अब मैं एक स्वतंत्र व्यक्ति हूं, तो मैं इसे विकसित करने की दिशा में काम करूंगा.’

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