वर्ल्ड कप टूर्नामेंट जब शुरू हुआ तो मुहम्मद शमी को अंतिम ग्यारह में जगह नहीं मिली लेकिन भुवनेश्वर कुमार के चोटिल हो जाने की वजह से उन्हें अंतिम ग्यारह में मौक़ा मिला. उन्होंने इस टूर्नामेंट में जितने भी मौक़े मिले हैं सभी में शानदार गेंदबाज़ी की है. उन्होंने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ मैच में 4 विकेट लिए. इसके साथ ही वो विश्व कप में सबसे तेज़ 25 विकेट लेने वाले खिलाड़ी बन गए. इसके बाद जब उन्हें इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मौक़ा मिला तो भी उन्होंने शानदार गेंदबाज़ी की.

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ उन्होंने 5 विकेट लिए. भारतीय टीम के पास इस समय जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाज़ हैं, ऐसे में शमी को अगर अपनी जगह टीम में पक्की करनी है तो उन्हें इस तरह मिलने वाले हर मौक़े का लाभ उठाना होगा और अपनी क्षमता को साबित करना होगा. इस विश्व कप में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अफगानिस्तान के खिलाफ मोहम्मद शमी को पहला मैच खिलाया.

इस मैच में शमी ने 4 अहम् विकेट लिए. चेतन शर्मा के बाद हैट्रिक लेने वाले वह भारतीय तेज गेंदबाज बन गए. अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी के बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ मौका दिया गया. इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 5 विकेट लिए. एकदिवसीय मैचों में ये पहली बार था जब शमी ने 5 विकेट लिए. इंग्लैंड के खिलाफ मैच में उन्होंने विकेट लिए. अंतिम ओवरों में सधी हुई गेंदबाज़ी करके उन्होंने इंग्लैंड को बड़े लक्ष्य से रोका.

बर्मिंघम में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ उन्हें एक विकेट मिला लेकिन वो काफ़ी महंगे साबित हुए. मोहम्मद शमी विश्व कप के 11 मैचों में 31 विकेट ले चुके हैं. विश्व कप में उनसे अधिक विकेट ज़हीर ख़ान और जवागल श्रीनाथ ही ले चुके हैं. जवागल और ज़हीर ने 44-44 विकेट लिए थे. मुहम्मद शमी की तारीफ़ करने वालों में पाकिस्तान के पूर्व आल राउंडर अब्दुल रज़्ज़ाक भी हैं. रज़्ज़ाक को क्रिकेट जगत के सबसे शानदार आल राउंडर्स में गिना जाता रहा है. रज्जाक ने कहा कि मोहम्मद शमी ने इंग्लैंड के खिलाफ अच्छी गेंदबाजी की लेकिन बाकी गेंदबाजों ने उनका सहयोग नहीं किया।

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