मोदी सरकार की इस नीति के ख़िला’फ़ हुआ RSS का संगठन, ‘इससे तो नौकरियों को नुक़सान…’

May 17, 2020 by No Comments

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के चलते अर्थव्यवस्था की मदद के लिए 20 लाख करोड़ के पॅकेज की घोषणा की थी. परन्तु अब इस पॅकेज की डिटेल्स पर एतराज़ जताया जा रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल कई घोषणाओं में ऐसे एलान किये जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है. भाजपा के वैचारिक संगठन आरएसएस ने भी इसको लेकर अपना एतराज़ जताया है.

भारतीय मजदूर संघ, जोकि आरएसएस से संबंधित है, ने शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई घोषणाओं की आलोचना की है. संगठन का कहना है कि सरकार एक तरह से निजीकरण को बढ़ावा दे रही है जिससे नौकरियों को नुक़सान पहुंचेगा. संगठन का कहना है कि कोरोना म’हामारी के समय में सार्वजनिक क्षेत्र बहुत अहम किरदार निभा रहा है. जब बाजार और निजी संस्थाएं लॉकडाउन के चलते बंद हैं तो सार्वजनिक क्षेत्र का महत्व और भी बढ़ जाता है.

Nirmala Sitaraman


भारतीय मजदूर संघ के महासचिव बृजेश उपाध्याय इस बारे में कहते हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को की गई घोषणाओं से निराशा हुई है. आपको बता दें कि निर्मला सीतारमण ने कई बड़ी घोषणाएं कीं जिनमें से 8 की चर्चा मुख्य रूप से है. ये कोयला, खनिज, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एयर स्पेस मैनेजमेंट, एयरपोर्ट, ऊर्जा वितरण और एटॉमिक एनर्जी से जुड़े क्षेत्र हैं.

उपाध्याय ने कहा, ‘सरकार ट्रेड यूनियन, सामाजिक प्रतिनिधित्व करने वालों से बातचीत करने और सुझाव लेने में हिचक रही है. जो कि यह दिखाता है कि सरकार को खुद की सोच पर इतना भरोसा नहीं है. जो कि निंदनीय है. ज्यादातर क्षेत्रों में भारतीय मजदूर संघ पहले से ही कॉरपोरेटकरण और निजी करण को लेकर आक्रोश में है.’ उन्होंने कहा कि संकट के समय सिर्फ़ सार्वजानिक क्षेत्र ही बढ़चढ़ कर भाग ले रहा है और निजी कम्पनियां कुछ नहीं कर रहीं.

उन्होंने आगे कहा,”किसी भी बदलाव का सबसे पहला असर कर्मचारियों पर ही पड़ता है. कर्मचारियों के लिए निजीकरण मतलब नौकरी चला जाना है. इससे सिर्फ मुनाफा कमाने पर जोर दिया जाएगा, कर्मचारियों का ही शोषण होगा और गुणवत्ता पूर्ण कार्य भी नहीं होगा. बिना समाज से सुझाव लिए सरकार द्वारा इस तरह बदलाव करना सही नहीं है.” बयान में कहा गया है कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में एफडीआई को बढ़ावा देना, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का कॉरपोरेटकरण करना आपत्तिजनक है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *