नई दिल्ली. सोश’ल मी’डिया पर वि’वादित पोस्ट करने के मामले में भाजपा नेता तेजस्वी सूर्य का नाम पीछे नहीं है. कहते हैं कि उनकी फॉलो’इंग भी इसीलिए है क्यूंकि वो धर्म-विशेष के ख़ि’लाफ़ आप’त्तिजनक बातें करते हैं. तेजस्वी बेंगलुरु से सांसद हो गए हैं तो अब अपनी छवि को सु’धारने में तो लगे हैं लेकिन वो विवा’दों में आ ही जाते हैं. हाल में भी उन्होंने कुछ ऐसे ट्वीट किये हैं जो वि’वादों में आये हैं.

सूर्य भले ही अपने ट्वीट्स की मदद से अपनी एक क़िस्म की ऑडियंस बनाने में कामयाब हों लेकिन ये उन्हें अब मुश्किल में डा’लने लगा है. ख़बर है कि भारत सरकार ने सोशल मीडिया से आप’त्तिजनक पोस्ट ह’टाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. जो 121 ट्वीट की लिस्ट भारत सरकार ने ट्विटर को भेजी है उसमें तेजस्वी सूर्या के भी एक ट्वीट का ज़िक्र है. सूर्या के ट्वीट का ज़िक्र आने से भाजपा की भी किरकिरी हो रही है.

सूर्या का ये ट्वीट इस्लाम धर्म के ख़िला’फ़ आप’त्तिजनक टिपण्णी माना गया है. उन्होंने 2015 में वि’वादित ट्वीट किया था. सूर्या ने लिखा था,”संक्षेप में: यह सच है कि आ’तंक का कोई धर्म नहीं है. लेकिन आ’तंकवादी का निश्चित रूप से एक ध’र्म है और ज़्यादातर मामलों में यह इस्ला’म है.”इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MEITY) से संबंधित मंत्रालय ने ट्विटर को कहा है कि इस ट्वीट को ह’टाया जाए. अंग्रेज़ी चैनल टाइम्स नाऊ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) एक्ट की धारा 69 ए के तहत 28 अप्रैल को यह ट्वीट ह’टाने का अनु’रोध किया गया था.

समाचार वेबसाइट द वायर की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, आईटी मंत्रालय ने ट्वीट की वो लिस्ट और कंटेंट दोनों भेजा है. इसमें कई ऐसे ट्वीट हैं जो कथित तौर पर कश्मीर में सरकार के रुख़ की आलो’चना कर रहे हैं तो कई ऐसे हैं जो क’थित तौर पर पाकिस्तान स’मर्थक हैं. सूर्या की बात करें तो वो लगातार वि’वादित ट्वीट पोस्ट करते रहे हैं. इससे पहले, सूर्या ने अपने एक ट्वीट में अरब महिलाओं का मज़ाक़ उ’ड़ाया था. इस ट्वीट का महि’ला वि’रोधी बताकर विरोध हुआ था. सूर्या को उनकी रैलियों में और सोशल मीडिया में कट्टर दक्षिणपं’थी विचारों को सामने रखने के लिए भी जाना जाता है.

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