दोस्तो इस्लाम में पति पत्नी के रिश्ते को बहुत ज़्यादा महत्व दिया गया है,इस्लाम में शहर और बीवी दोनों के हक़ को बताया गया है,शौहर को अपनी बीवी के साथ कैसा सलूक करना चाहिए,उसके साथ कैसे रहना चाहिए,जबकि पत्नी को भी अपना पूरा फ़र्ज़ निभाना चाहिए,शौहर के साथ कैसा व्यवहार हो,बीवी को शौहर के माँ-बाप,भाई-बहन और घर के अंदर जितने भी लोग हो उन सबसे अच्छा इख़लाक़ बना कर रखना चाहिए,पति-पत्नी का रिश्ता सब रिश्ते से अलग होता है,शौहर और बीवी के बीच में वफादारी का भी होना बहुत ज़रूरी है अगर शौहर और बीवी एक दुसरे को न समझे या कोई बात छिपाये तो इससे दोनों के रिश्ते में दरार आ जाती है और रिश्ता टूटने का डर बन जाता है,अगर पति पत्नी एक दुसरे से सच्चा प्यार करते है तो उसमें कभी बेवफाई नही आती है.

इस्लाम में शौहर और बीवी के रिश्ते को सबसे ऊपर माना गया है जब शौहर अपने बीवी को दुख देता है उसके साथ मार पीट करता है या उसको ऐसे तकलीफ पहुंचाता है जिससे वो रोने लगे,अपने पति होने का हक़ ना अदा करता हो तो ऐसे में अल्लाह ताला कहते है कि कोई भी आदमी जो अपनी पत्नी को रुलाता है या हक़ अदा नही करता हो तो हदीस में आया है कि अल्लाह अपने फरिश्तों से कहता है कि उसकी रोज़ी की बरकत ख़त्म कर दो,इसको तंगदस्ती में शामिल कर दो उसके घर से रहमत वापस ले लो,अगर वो आदमी कुछ मांगता है या फरियाद करता है तो उसकी फरियाद मेरे तक मत पहुचाव.

जब तक वो आदमी अपनी बीवी से सुलह न कर ले,अगर कोई शौहर अपनी बीवी को ना हक़ रुलाता हो,उसका हक अदा ना करता हो या उसको ज़बरदस्ती परेशान करना ना छोड़ दे तब तक उसकी फरियाद मुझ तक मत लाना,रसूले अकरम सल्लल्लाहू आलेही वसल्लम ने फरमाया दुनिया में तीन चीज़े ऐसी है जो मुझे बहुत पसंद है.वो तीन चीज़े ये है पहला नमाज़,नमाज़ के बारे में अल्लाह के रसूल ने फरमाया नमाज़ मेरी आँखों की ठंडक है,दूसरी खुशबो है खुशबो के बारे में बताया गया है कि अगर कोई खुशबू हादिया करे तो उसको ले लेना इनकार ना करना,तीसरी बात नेक औरत या नेक बीवी जिस चीज़ को मेरे आका ने पसंद फरमाया है.

हर उस नेमत की क़दर करो जो अल्लाह ने हमको दी है अगर न शुक्ररी अदा करोगे तो फिर अल्लाह ताला की नाराज़गी का सबब बनेगा ,और फिर अल्लाह की रहमत रुक जाएगी,अगर हम लोग अपनी बीवी का हक़ पूरा नही करेंगे, हमको चाहिए की उस सब को पूरा करने की कोशिश करे उससे प्यार करे और जो भी लोग माँ बहन अपने शौहर का हक़ अदा नही करता

तो ऐसे लोगो से गुज़ारिश है कि अपने हक़ को पूरा करे,अपने शौहर और बीवी दोनों एक दुसरे की बात माने खुश रहे ज़िन्दगी एकदम आसान बन जाएगी,अल्लाह रिज़्क़ में बरकत देगा,घर में रहमत भेजेगा जिसका आपको अंदाजा भी नही है कि कब कहा से अल्लाह ताला मदद कर सकते है अल्लाह ताला हम सबको नेक सलिहा और नमाज़ी बना दे आमीन.

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