पटना: बिहार में राजनीतिक उथल पुथल का माहौल अंदर अंदर बन रहा है. सूत्रों के मुताबिक़ बिहार में भाजपा और जदयू में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. कुछ इसी तरह की बात बिहार के नेताओं के बयानों से भी मिल रही है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर आ’रोप लगाया कि जब वो उपमुख्यमंत्री थे तो उन्होंने काफ़ी फ़ज़ूल ख़र्च उपमुख्यमंत्री आवास पर किया था. परन्तु मोदी को नीतीश कुमार का समर्थन नहीं मिला.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि तेजस्वी ने कोई ग़ैर-ज़रूरी ख़र्च नहीं किया था. नीतीश के बयान को आये हुए देर नहीं हुई थी कि ख़बर आयी कि भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव ने तेजस्वी यादव को क्लीन चिट दे दी है. सुशील कुमार मोदी को ये बात पसंद नहीं आयी. उन्होंने कहा कि 5 देशरत्न मार्ग स्थित बंगले की साज-सज्जा पर अपने पद का दुरूपयोग कर करोड़ों खर्च कराने के मामले में तेजस्वी यादव को सरकार ने काई क्लीनचिट नहीं दी है.

मोदी ने कहा कि आखिर किस नियम के तहत तेजस्वी यादव ने भवन निर्माण विभाग के अतिरिक्त पुल निर्माण निगम से 59 लाख का कीमती फर्नीचर मंगवाया. उन्होंने कहा कि आखिर तेजस्वी यादव ने किस प्रावधान के तहत केवल कमरे में ही नहीं बल्कि शौचालय तक में एसी लगवाए, 35 महंगे लेदर सोफा, विदेशी ग्रेनाइट/मार्बल, दीवारों की वुडेन पैनलिंग और फर्श पर वुडेन फ्लोरिंग, मॉड्यूलर किचेन, 464 महंगी फैंसी एलईडी लाईट, 108 पंखे, लाखों का बिलियडर्स टेबुल, व कीमती पर्दे आदि पर अनाप-शनाप सरकारी धन खर्च कराया.

अब सुशील कुमार मोदी भले ही बार-बार ये बात उठा रहे हैं लेकिन इस बात में उन्हें जदयू का कोई समर्थन नहीं मिल रहा है. इसका अर्थ कहीं न कहीं ये निकाला ही जा रहा है कि जदयू नेता नीतीश कुमार भाजपा से ख़ुश नहीं हैं और जल्द ही कोई निर्णय ले सकते हैं. भाजपा भी इस बात को महसूस कर रही है और अपनी को तैयार कर रही है.

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